नई दिल्ली: भारतीय रेल के यात्रा करने वालों लोगों के लिए अच्छी खबर है. जल्‍द ही रेलवे की फ्लेक्सी किराया स्कीम में संशोधन होगा. जल्‍द ही इसका एलान किया जाएगा. माना जा रहा है कि संशोधित स्कीम में 40 प्रीमियम ट्रेनों को स्कीम से हटा दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को सीधे फायदा होगा. बता दें कि फ्लेक्सी किराया स्कीम के तहत रेल किराया एयरलाइन टिकट से भी महंगा हो जाता है.

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी, शताब्दी और दुरंतों जैसी प्रीमियम ट्रेनों में पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु के समय में फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू किया गया था. इसके तहत एक तय सीमा में सीटें बुक होने के बाद किराए में 10 फीसदी की बढ़ोतरी होती है, जो अधिकतम 50 फीसदी तक होती है. यह योजना 44 राजधानी, 46 शताब्दी और 52 अन्‍य ट्रेनों के लिए पेश की गई थी. फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू होने के बाद से ही रेलवे को इन ट्रेनों से होने वाली आमदनी में 600 से 700 करोड़ रुपये सालाना का फायदा होता है. ऐसे में भारतीय रेलवे की समस्या यह है कि अगर फ्लेक्सी फेयर को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाता है तो रेलवे की यह अतिरिक्त आमदनी खत्म हो जाएगी.

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यात्रियों को राहत दे सकता है रेलवे
रेलवे सूत्रों का कहना है कि इसी वजह से यह विकल्प भी दिया गया है कि पूरी तरह से स्क्रैप करने की बजाय स्कीम में कुछ बदलाव करके यात्रियों को राहत दी जाए. बता दें कि बीत दिनों आई रिपोर्ट के मुताबिक 9 सितंबर, 2016 से 31 जुलाई, 2017 की अवधि में फ्लेक्सी किरायों के कारण रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में पहले के मुकाबले सात लाख कम लोगों ने यात्रा की. उसमें बताया गया कि फ्लेक्सी स्कीम के चलते हवाई जहाज का सफर ट्रेन के मुकाबले सस्ता हो गया है.