7th Pay Commission Update: इस राज्य के सरकारी कर्मियों के वेतन में 17% की बढ़ोतरी, पुरानी पेंशन योजना का भी भरोसा

7th Pay Commission Update: कर्नाटक की बोम्मई सरकार की तरफ से वेतन में 17% की बढ़ोतरी की घोषणा के बाद हड़ताल वापस ली गई है. मुख्यमंत्री ने कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना पर भी भरोसा दिया है.

Published date india.com Updated: March 1, 2023 4:50 PM IST
7th Pay Commission Update: इस राज्य के सरकारी कर्मियों के वेतन में 17% की बढ़ोतरी, पुरानी पेंशन योजना का भी भरोसा

7th Pay Commission Salary Hike: कर्नाटक के सरकारी कर्मचारियों ने बुधवार को अपना हड़ताल वापस ले लिया. कर्नाटक की बोम्मई सरकार की तरफ से वेतन में 17% की बढ़ोतरी की घोषणा के बाद हड़ताल वापस ली गई है. मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने 1 अप्रैल से वेतन 17 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की. सीएम बोम्मई ने कहा कि उनकी सरकार पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से शुरू करने की संभावनाओं पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समिति का गठन करेगी. सरकारी कर्मचारी मूल वेतन में 40 फीसदी की बढ़ोतरी और 7वें वेतन आयोग की सिफरिशों (7th Pay Commission News) के अनुसार तनख्वाह की मांग कर रहे थे.

नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) बहाल करने की कर्मियों की मांग पर सरकार ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति इसकी व्यवहार्यता का अध्ययन करेगी. ‘कर्नाटक राज्य सरकारी कर्मचारी संघ’ के अध्यक्ष सीएस शदाक्षरी ने हड़ताल वापस लिये जाने की घोषणा की.

इससे पहले दिन में कर्नाटक सरकार के कर्मचारियों ने राज्य सरकार के साथ 7वें वेतन आयोग को लागू करने में विफल रहने के बाद राज्य भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी. उनकी अन्य मांगों में कम से कम 40 प्रतिशत फिटमेंट सुविधाओं को लागू करना और पुरानी पेंशन योजना (What Is Old Pension Scheme) को वापस करना शामिल है. मैसूरु जिले के 27,000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने राज्य सरकार के कर्मचारियों द्वारा बुलाई गई हड़ताल को अपना समर्थन दिया था.

कर्मचारियों की क्या थी मांग

मालूम हो कि कर्मचारियों ने राज्य सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी थी, जिनमें 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना और कम से कम 40 प्रतिशत ‘फिटमेंट’ सुविधाएं स्थापित करना शामिल है. शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि सभी स्कूलों को खोले रखने के स्थायी निर्देश दिए गए हैं. अधिकारी ने कहा, ‘हमने स्कूलों को खुला रखने के निर्देश दिए हैं. अगर शिक्षक नहीं आते हैं, तो उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा.’ उन्होंने बताया कि 10वीं कक्षा की प्री-बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और शिक्षकों से कहा गया है कि ये परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएं. स्वास्थ्य विभाग भी यह सुनिश्चित करने के लिए तत्पर है कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं खुली रहें.

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