मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशी की खबर दी है. सरकारी काम के बोझ तले दबे कर्मचारियों को हफ्ते में एक दिन रविवार की बजाय, दो दिन शनिवार और रविवार को मिलेगी. बता दें कि महाराष्‍ट्र सरकार से पहले दिल्‍ली की सरकार ने पांच दिवसीय कार्य सप्‍ताह लागू कर चुकी है. Also Read - Maharashtra Local News: महाराष्ट्र सरकार ने 7.2 लाख ऑटो रिक्शा चालकों को दी बड़ी राहत, 108 करोड़ रुपये किए आवंटित

महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 29 फरवरी से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की घोषणा की. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया. Also Read - इन दस राज्यों में कोविड-19 के 71 फीसदी से ज्यादा नए मामले, महाराष्ट्र और कर्नाटक सबसे आगे

राज्य में सरकारी, अर्द्धसरकारी और स्थानीय निकायों में 20 लाख से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी हैं. Also Read - Corona Crisis: PM Modi ने कोविड-19 की स्थिति पर महाराष्ट्र और तमिलनाडु के CM से की बात

मंत्रिमंडल ने यह भी फैसला किया कि ओबीसी, एसईबीसी (सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग), वीजेएनटी (विमुक्त जाति एवं घुमंतू आदिवासियों) एवं विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए राज्य के विभाग अब ‘बहुजन कल्याण विभाग’ के नाम से जाने जाएंगे. वहीं, महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने बताया क‍ि  महाराष्ट्र सरकार ने 19 फरवरी से कॉलेजों में राष्ट्रगान गाना अनिवार्य कर दिया है.

महाराष्‍ट्र सरकार का यह निर्णय कुछ कॉर्पोरेट कंपनियों के तर्ज पर है, जिसमें वह अपने कर्मचारी के लिए फाइव डे वर्किंग वीक का सिस्‍टम बना रखा है. कंपनियां यह वर्क कल्‍चर कर्मचारी को तनाव और कार्यभार से मुक्ति और पारिवारिक और सामाजिक जीवन में सकारात्‍मक भागीदारी, रचनात्‍मकता और उत्‍पादकता बढ़ाने के मद्देनजर बनाती हैं.