मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशी की खबर दी है. सरकारी काम के बोझ तले दबे कर्मचारियों को हफ्ते में एक दिन रविवार की बजाय, दो दिन शनिवार और रविवार को मिलेगी. बता दें कि महाराष्‍ट्र सरकार से पहले दिल्‍ली की सरकार ने पांच दिवसीय कार्य सप्‍ताह लागू कर चुकी है.

महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 29 फरवरी से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की घोषणा की. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया.

राज्य में सरकारी, अर्द्धसरकारी और स्थानीय निकायों में 20 लाख से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी हैं.

मंत्रिमंडल ने यह भी फैसला किया कि ओबीसी, एसईबीसी (सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग), वीजेएनटी (विमुक्त जाति एवं घुमंतू आदिवासियों) एवं विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए राज्य के विभाग अब ‘बहुजन कल्याण विभाग’ के नाम से जाने जाएंगे. वहीं, महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने बताया क‍ि  महाराष्ट्र सरकार ने 19 फरवरी से कॉलेजों में राष्ट्रगान गाना अनिवार्य कर दिया है.

महाराष्‍ट्र सरकार का यह निर्णय कुछ कॉर्पोरेट कंपनियों के तर्ज पर है, जिसमें वह अपने कर्मचारी के लिए फाइव डे वर्किंग वीक का सिस्‍टम बना रखा है. कंपनियां यह वर्क कल्‍चर कर्मचारी को तनाव और कार्यभार से मुक्ति और पारिवारिक और सामाजिक जीवन में सकारात्‍मक भागीदारी, रचनात्‍मकता और उत्‍पादकता बढ़ाने के मद्देनजर बनाती हैं.