Good News For Shiva Devotees Now They Can Visit Kailash Mansarovar Amazing Work Of Nsa Ajit Doval
शिव भक्तों के लिए खुशखबरी, अब कर सकेंगे कैलाश मानसरोवर के दर्शन, NSA अजित डोभाल का कमाल
भारत-चीन के बिगड़े रिश्तों में सुधार की पहल हुई है. एनएसए अजित डोभाल की चीन यात्रा के दौरान कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने समेत छह मुद्दों पर सहमति बनी. यह द्विपक्षीय संबंध सुधारने की अहम कोशिश है.
भारत और चीन के बीच पिछले कुछ समय से बिगड़े रिश्तों में सुधार की शुरुआत हो गई है. एनएसए अजित डोभाल की बीजिंग यात्रा के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी से महत्वपूर्ण वार्ता हुई. इस वार्ता में छह मुद्दों पर सहमति बनी, जिनमें सबसे अहम कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर सहमति थी. डोकलाम टकराव के बाद बंद हुई यह यात्रा अब भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए खुलने वाली है. दोनों देशों ने सीमा पार आवागमन और तिब्बत में स्थित धार्मिक स्थलों तक पहुंच को सरल बनाने पर सहमति जताई है. यह वार्ता पिछले पांच सालों से रुकी हुई भारत-चीन बातचीत के दरवाजे खोलने का संकेत है.
कैलाश मानसरोवर यात्रा में नहीं आएगी बाधा
कैलाश मानसरोवर यात्रा शिव भक्तों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन डोकलाम विवाद के बाद से इसे रोक दिया गया था. इस बार एनएसए डोभाल ने बातचीत के दौरान इस यात्रा को फिर से शुरू करने का मुद्दा उठाया. नतीजतन, तीर्थयात्रियों के लिए यह पवित्र यात्रा जल्द शुरू होने की उम्मीद है. इसके अलावा, भारत और चीन ने नदियों के जल प्रबंधन और सीमा पर व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने जैसे अन्य मुद्दों पर भी सहमति जताई. नाथूला को बॉर्डर ट्रेड के लिए खोलने और सीमा पार सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में काम करने पर भी दोनों देशों ने सहमति जताई है.
सीमाई इलाकों में शांति और सहयोग बढ़ाने पर सहमति
डोभाल और वांग यी के बीच वार्ता में सीमाई इलाकों में शांति बनाए रखने और विश्वास बहाली के उपायों पर चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने 2005 में बनी सहमति के आधार पर सीमा विवाद को सुलझाने और प्रभावी प्रबंधन पर जोर दिया. साथ ही, बॉर्डर सिचुएशन के आकलन और डिप्लोमैटिक व मिलिट्री कोऑपरेशन को और मजबूत करने के लिए एक साथ काम करने पर सहमति बनी. यह वार्ता इस बात का प्रतीक है कि दोनों देश आपसी मतभेदों को सुलझाने और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं.
आगामी वार्ताओं के लिए भारत तैयार
इस बैठक का एक बड़ा नतीजा यह भी रहा कि अगले साल भारत में स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव लेवल की बातचीत आयोजित होगी. यह वार्ता भारत-चीन संबंधों को सुधारने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है. रूस-यूक्रेन और इजरायल-हमास जैसे वैश्विक मुद्दों के बीच भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार एशिया की स्थिरता के लिए शुभ संकेत है. दोनों देशों के बीच इस सकारात्मक बातचीत ने यह स्पष्ट किया है कि आपसी सहयोग और विश्वास बहाली से लंबे समय से रुके हुए मुद्दों का हल निकाला जा सकता है.
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