नई दिल्लीः बेरोजगारी की समस्या से घिरी केंद्र सरकार के लिए एक अच्छी खबर है. दूरसंचार क्षेत्र की कौशल विकास इकाई के अनुसार इस क्षेत्र में अगले पांच साल में रोजगार के एक करोड़ से अधिक अवसर पैदा होंगे. हालांकि, दूरसंचार उद्योगहाल के दिनों में एकीकरण और सुदृढीकरण के चलते रोजगार में कटौती से जूझता रहा है.Also Read - Good News: सिंगापुर ने भारत सहित इन 6 एशियाई देशों से प्रतिबंध हटाया, इन शर्तों के कर सकेंगे यात्रा

दूरसंचार क्षेत्र कौशल परिषद (टीएसएससी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. पी. कोचर ने एक इंटरव्यू में कहा कि अभी दूरसंचार क्षेत्र में 40 लाख लोगों को रोजगारमिला हुआ है और अगले पांच साल के बाद दूरसंचार एवं दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1.43 करोड़ हो जाएगी. Also Read - Indian Railway/IRCTC: पान-गुटखा खाने वालों को रेलवे देगी बड़ी सुविधा, इधर-उधर नहीं, थूकिए पाउच मेंं

सीआईईएल एचआर की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल तक दूरसंचार क्षेत्र में पहले ही करीब 40 हजार लोगों की नौकरी जा चुकी है. यह चलन अगले छह से नौ महीने तक जारी रहने का अनुमान है जिससे नौकरियों के नुकसान का यह आंकड़ा 80 से 90 हजार तक पहुंच सकता है. Also Read - Covid-19 In India Latest Update: हार रहा कोरोना, घट गई मौत की संख्या, तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं मरीज

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के तहत आने वाले टीएसएससी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कोचर ने कहा, परिषद को अनुमान है कि रोजगार की मुख्य मांग मशीन- मशीन संवाद जैसे उभरते क्षेत्रों से आएगी. इसके बाद दूरसंचार विनिर्माण एवं आधारभूत संरचना और सेवा क्षेत्र की कंपनियों से रोजगार के नये अवसर आने का अनुमान है.

कोचर ने कहा कि हम भारत में विनिर्माण संयंत्रों के आने में वृद्धि देख रहे हैं. इससे जहां तक कौशल का सवाल है, दूरसंचार क्षेत्र के लिए हमें उम्मीद मिलती है. हमें यहां काफी उम्मीद है और दूरसंचार विनिर्माण उद्योग का अनुमान है कि इसमें लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा.

दूरसंचार क्षेत्र की इस कौशल संस्था ने सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि उसे रोजगार के मामले में रुख में बदलाव लाना चाहिए और उद्योगों की मांग के आधार पर रोजगार के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए. गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरते रहे हैं. ऐसे में केंद्र के लिए अच्छी खबर है.