नई दिल्ली: गूगल डूडल ने मंगलवार को भारतीय समाज सुधारक राजा राम मोहन रॉय की 246 वीं जयंती पर उन्हें याद किया है. उनका जन्म 22 मई 1772 को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के राधानगर में हुआ था. उन्हें आधुनिक भारतीय पुर्नजागरण का पिता और आधुनिक भारत के निर्माता के तौर पर याद किया जाता है. गूगल डूडल ने रॉय के सामाजिक योगदान को याद किया है. उन्होंने हिंदू रूढ़िवाद, सती प्रथा, छुआछूत के खिलाफ आंदोलन चलाया और समाज में भेदभाव खत्म करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

राजा राम मोहन रॉय एकेश्वरवाद के सशक्त समर्थक थे और उन्होंने बचपन से हिंदू रूढ़िवादी अनुष्ठानों और मूर्ति पूजा को छोड़ दिया था. हालाकि उनके रमाकांत रॉय एक हिंदू ब्राम्हण थे. राज राम मोहन रॉय ने बहुत कम उम्र में पिता से धार्मिक विश्वासों पर मतभेद होने पर घर छोड़कर हिमालय चले गए. उन्होंने तिब्बत की भी यात्रा की. जब वह घर लौट आए तो पिता ने उनकी शादी करवा दी. लेकिन वह हिंदू धर्म में फैले पाखंड को उजागर करने के लिए काम करते रहे. उन्होंने उपनिषदों और वेदों का अध्ययन करने के बाद अपनी पहली पुस्तक “तुहफत अल-मुवाहिदीन” लिखी और उन्होंने धर्म में अनुष्ठान का विरोध किया.

राज राम मोहन रॉय को उस समय प्रचलित सती प्रथा ने बहुत विचलित कर दिया. उन्होंने इसका विरोध किया और स्त्री के समानता के अधिकारों को पुरजोर तरीके से सामने रखा. उन्होंने महिलाओं के पुनर्विवाह का अधिकार और संपत्ति रखने के अधिकार के लिए समाज में आवाज उठाई.  रॉय ने 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना की, जिसे पहले भारतीय सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों में से एक माना जाता है.