
Azhar Naim
मैं अज़हर नईम हूं और फिलहाल India.com में ट्रेनी के तौर पर काम कर रहा हूं. यहां मैं ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों ... और पढ़ें
गोरखपुर से शामली तक बनने वाले एक्सप्रेस-वे को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस एक्सप्रेस- वे को आगे कुशीनगर तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. साथ ही इस राजमार्ग को आगे जाकर सिलीगुड़ी एक्सप्रेस- वे से जोड़ा जाएगा, जिससे इस रूट पर पड़ने वाले जिलों का नक्शा बदल जाएगा और यहां रहने वाले लोगों को काफी लाभ मिलेगा. यह प्रोजेक्ट क्षेत्रीय विकास और तेज आवागमन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. इससे न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे.
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, गोरखपुर–पानीपत एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई अब लगभग 750 किलोमीटर हो जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इस सड़क की चौड़ाई 60 से 70 मीटर के बीच होगी और इसे आधुनिक फोरलेन मानकों पर तैयार किया जाएगा. परियोजना निदेशक के मुताबिक, एलाइनमेंट का काम तेजी से चल रहा है और डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है. इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने से सिलीगुड़ी से पानीपत तक बिना रुकावट तेज रफ्तार में सफर करना संभव होगा, जिससे लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा.
इस परियोजना में कुशीनगर की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है. एक्सप्रेस-वे को कुशीनगर में लगभग तीन से चार किलोमीटर तक आगे बढ़ाया जाएगा और यहीं से इसे सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा. इससे बिहार और पूर्वोत्तर भारत की ओर जाने वाला ट्रैफिक और आसान हो जाएगा. कुशीनगर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने से यहां पर्यटन में और तेजी आएगी. साथ ही स्थानीय कारोबार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकेगी.
पहले एक्सप्रेस-वे गोरखपुर से शामली तक बनना था, लेकिन इसे विस्तार देते हुए पानीपत तक बनाने का निर्णय लिया गया. अब इसे विस्तार देकर कुशीनगर की सीमा में सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का निर्णय लिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी. योजना के मुताबिक, साल 2026 से इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. परियोजना पूरी होने के बाद पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी और हरियाणा तक का सफर कहीं ज्यादा आसान, तेज और सुरक्षित हो जाएगा.
यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुल 22 जिलों को सीधे जोड़ेगा. यूपी में कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली शामिल हैं, जबकि हरियाणा में पानीपत इसका प्रमुख जिला होगा. इन जिलों में बेहतर कनेक्टिविटी से जमीन की कीमतें बढ़ेंगी, निवेश आएगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. कुल मिलाकर, यह एक्सप्रेस-वे पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है.
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