नई दिल्ली: रविवार का दिन कई मायनों में ख़ास रहा. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देश की सरकार और कई राज्यों के मुख्यमंत्री ने महिलाओं के मद्देनज़र कई तरीके के ऐलान किएं और घोषणाएं की. इसी सिलसिले में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को कहा कि वर्ष 2022 तक देश में कुल 75 लाख महिला स्व-सहायता समूह (एसएचजी) बनाए जाएंगे. Also Read - VIDEO: इस पाकिस्तानी गाने में आखिर ऐसा क्या है खास, जो इसे शेयर करने से भारतीय भी खुद को नहीं रोक पाए

केंद्रीय मंत्री अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यहां डीडी किसान द्वारा प्रसारित एक लाइव टीवी कार्यक्रम में बोल रहे थे. इस मौके पर उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नए भारत का मिशन साकार हो सकता है. तोमर ने कहा, “देशभर में 60.8 लाख एसएचजी के साथ 6.73 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं और महिलाओं को आजीविका पाने में अधिक सक्षम बनाने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय की वर्ष 2022 तक कुल 75 लाख एसएचजी बनाने की योजना है.” Also Read - महिला राजमिस्त्री, सौ वर्षीय एथलीट व मशरूम महिला समेत 15 महिलाएं नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित

उन्होंने महिला स्व-सहायता समूह (एसएचजी) को गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम की रीढ़ बताया. तोमर ने बताया कि बेहतर प्रदर्शन के लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने के मकसद से ग्रामीण विकास मंत्रालय उनके लिए पुरस्कार की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बीते छह साल के दौरान स्वयं सहायता समूहों को 2.75 लाख करोड़ से अधिक का ऋण प्रदान किया गया है. Also Read - मिस यूनिवर्स के ताज से लेकर बॉलीवुड के सफ़र पर लारा दत्ता ने कही ये बात, महिला दिवस के मौके पर बयां किये एहसास 

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्य बल में 55 फीसदी महिलाएं शामिल हैं और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) से 4.66 लाख महिलाएं जुड़ी हैं.