नई दिल्ली : तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश कर सकती है.  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी कैबिनेट में इस पर विचार हो रहा है। पिछले दिनों ही सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन तलाक को असंवैधानिक करार देते हुए सरकार को 6 महीने के भीतर इसके लिए कानून बनाने की सलाह दी थी.

तत्कालीन चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस नजीर ने अल्पमत में दिए फैसले में तीन तलाक को धार्मिक प्रैक्टिस बताते हुए इसमें कोर्ट को दखल न देने की बात कही थी. खेहर की नेतृत्व वाली 5 जजों की बेंच में 2 इसके पक्ष में नहीं थे. इसके बाद बेंच ने कहा सरकार को इसमें दखल देना चाहिए और तलाक के लिए कानून बनना चाहिए.

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इसके लिए खेहर ने सरकार को 6 महीने का वक्त दिया था. उन्होंने कहा था कि अगर इस समय में कानून नहीं बनता तो इस पर स्टे जारी रहेगा. उन्होंने इस मामले पर राजनीति से हटकर फैसला लेने की बात भी कही थी. सुप्रीम कोर्ट के 22 अगस्त को आए फैसले का सभी नेताओं और मंत्रियों ने स्वागत किया था. मुस्लिम महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई थी.

बता दें सरकार संसद का शीतकालीन सत्र दिसंबर में बुलायेगी फिलहाल इसकी तारीख घोषित नहीं की गई है. संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने इस संदर्भ में संप्रग सरकार के दौरान बुलाये सत्र का जिक्र किया और सत्र बुलाने में देरी के कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर दिया.