नई दिल्ली: देश में बेरोजगारी बढ़ने पर चल रही बहस के बीच मोदी सरकार ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में साल 2017 और 2019 के बीच 3.79 लाख से ज्यादा नौकरियां सृजित होने का दावा किया. यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल बेरोजगारी बढ़ने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रहे हैं. सरकार ने आरोपों को खारिज कर दिया है. सरकार ने कहा कि उसने 2017 और 2018 के बीच केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों में 2,51,279 नौकरियां सृजित की. वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा एक फरवरी को पेश किए अंतरिम बजट के दस्तावेजों के विश्लेषण से पता चलता है कि एक मार्च 2019 तक सरकार द्वारा सृजित नौकरियां 3,79,544 तक बढ़कर 36,15,770 पर पहुंच जाएंगी. Also Read - CoronaVirus New Guidelines: कोरोना मरीजों के लिए नई गाइडलाइंस जारी, जानिए क्या करें, क्या ना करें

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संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर गुरुवार को धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने कर्मचारी भविष्य निधि, राष्ट्रीय पेंशन योजना, आयकर फाइलिंग और वाहनों की बिक्री के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि परिवहन, होटलों और ढांचागत समेत औपचारिक तथा असंगठित क्षेत्रों में छह करोड़ नई नौकरियां पैदा की गई.

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– ज्यादातर भर्तियां, रेल मंत्रालय, पुलिस बलों और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष आयकर विभागों ने की.

– बजट के दस्तावेजों में सेक्टर-वार ब्यौरा दिया गया है कि कैसे केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों में नौकरियों का सृजित किया गया

– दस्तावेजों के अनुसार, भारतीय रेलवे एक मार्च 2019 तक सबसे अधिक 98,999 नौकरियों का सृजन करेगा

– पुलिस विभागों में एक मार्च 2019 तक 79,353 अतिरिक्त नौकरियां सृजित की जाएगी.

– इसी तरह डाक विभाग में एक मार्च 2019 तक 4,21,068 कर्मचारी होंगे