नई दिल्‍ली: वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 20 हजार करोड़ रुपए के पैकेज के तहत सरकार ने फैसला किया है कि वह बिजनेसमैन और कंपनियों का तनाव से राहत देने का फैसला है. सरकार ने तय किया है कि वह बिजनेसमैन और उसके कर्मचारियों को 2500 करोड़ रुपए लिक्‍विडिटी राहत देगी. सरकार अगले तीन माह के वेतन में ईपीएफ की राशि नियोक्‍ता और कमचारी के हिस्‍से की 12-12 फीसदी जमा करेगी. Also Read - Yogi Adityanath की पहल पर सामने आए कई व्यापारी और कंपनियां, यूपी सरकार से मांगे 5 लाख श्रमिक और कामगार

वित्त मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन शुरू होने के वक्त कहा गया था भारत सरकार ईपीएफओ में तीन माह तक योगदान देगी. उसे अब और तीन माह तक बढ़ा दिया गया है. Also Read - कोरोना काल में EPF से निकालने जा रहे हैं पैसा तो इन सवालों के जवाब तो जान लीजिए...

FM Nirmala Sitharaman ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में ईपीएफओ में अंशदान घटाया दिया गया है, इससे टेक होम सैलरी बढ़ाई जा सकेगी. हालांकि, केंद्र और पब्लिक सेक्टर में यह 12 फीसदी ही रहेगा. पीएफ में अंशदान 12 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी किया गया. Also Read - श्रमिकों को पूरा पारिश्रमिक नहीं देने वाले लघु उद्योगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं: SC

वित्‍तमंत्री ने कहा कि नियोक्ताओं द्वारा सांविधिक पीएफ योगदान की दर को 12 प्रतिशत से कम कर 10 प्रतिशत किया गया, इससे उनके पास 6,750 करोड़ रुपए की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी.

– बिजनेसमैन की वित्‍तीय परेशानी दूर करने के लिए मदद दी जाएगी, ताकि वे अपना काम कर सकें
– प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण पैकेज के (PMGKP) तहत ईपीएफ की राशि नियोक्‍ता के हिस्‍से 12 फीसदी और 12 प्रति कर्मचारी के हिस्‍से का सरकार तीन माह और जमा करेगी
– पहले सरकार ने मार्च, अप्रैल और मई 2020 की सैलरी में दे चुकी है.

– ईपीएफ में योगदान को अन्‍य तीन महीने जून, जुलाई और अगस्‍त के लिए बढ़ाया है.

– इससे 2500 करोड़ रुपए की राहत 3.6 लाख कंपनियों या फर्मों के 72.67 लाख इम्‍प्‍लाई को लाभ मिलेगा.