नई दिल्ली: रक्षा मामलों पर मंत्रिमंडल समिति ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के सृजन को मंगलवार को मंजूरी प्रदान कर दी आधिकारिक सूत्रों ने इस आशय की जानकारी दी. बता दें कि 1999 में कारगिल समीक्षा समिति ने सरकार को एकल सैन्य सलाहकार के तौर पर चीफ आफ डिफेंस स्टाफ के सृजन का सुझाव दिया था.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, सरकार ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के सृजन को मंजूरी दे दी है. रक्षा स्टाफ के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया जाने वाला अधिकारी एक चार सितारा जनरल होगा और सैन्य मामलों के विभाग का प्रमुख भी होगा.

सीडीएस पद एक चार सितारा जनरल द्वारा आयोजित किया जाएगा और वह सीडीएस के कार्यालय से सेवा पूरी करने के बाद वह किसी भी सरकारी कार्यालय में नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा. वह सीडीएस के पद से हटने के बाद 5 साल की पूर्व स्वीकृति के बिना कोई निजी रोजगार भी नहीं रखेगा.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मीडियाकर्मियों से कहा कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, सैन्य मामलों के प्रमुख होंगे और वह चार स्टार जनरल होंगे. उनका वेतन सेना प्रमुख के समान होगा. चीफ आफ डिफेंस स्टाफ सैन्य मामलों के विभाग के प्रमुख होंगे जिसका सृजन रक्षा मंत्रालय करेगा और वह इसके सचिव के रूप में काम करेंगे.

सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट समिति ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के नेतृत्व वाली उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी. इस समिति ने सीडीएस की जिम्मेदारियों और ढांचे को अंतिम रूप दिया था.

एक सरकारी सूत्र ने बताया कि सीडीएस अन्य सेना प्रमुखों के समान ही होंगे हालांकि, प्रोटोकाल की सूची में सीडीएस, सेना प्रमुखों से ऊपर होंगे.

माना जा रहा है कि सरकार अगले कुछ दिनों में पहले सीडीएस की नियुक्ति कर सकती है और सेना प्रमुख विपिन रावत का नाम इस पद के लिए सबसे आगे बताया जा रहा है जो 31 दिसंबर को सेना से सेवानिवृत हो रहे हैं.

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की भी दूसरी भूमिका होगी, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के स्थायी अध्यक्ष होंगे. इस भूमिका में, सीडीएस को एकीकृत रक्षा स्टाफ द्वारा सपोर्ट किया जाएगा.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को घोषणा की थी कि भारत में तीनों सेना के प्रमुख के रूप में सीडीएस होगा.

सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट समिति ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के नेतृत्व वाली उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी. इस समिति ने सीडीएस की जिम्मेदारियों और ढांचे को अंतिम रूप दिया था.

बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा नीत सरकार बड़े जनादेश के साथ सत्ता में आई और नवंबर में उसके छह महीने पूरे हुए हैं.