नागपुरः केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम भारत के मुसलमानों के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि नया कानून लाकर राजग सरकार मुसलमानों के साथ कोई नाइंसाफी नहीं कर रही है. गडकरी ने कांग्रेस पर ‘वोट बैंक की राजनीति’ के लिए ‘दुष्प्रचार’ करने का भी आरोप लगाया. वह यहां नये कानून के समर्थन में यहां निकाली गयी रैली को संबोधित कर रहे थे. इस कानून में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है.Also Read - Parliament Monsoon Session 2021: अभी तैयार नहीं हुए CAA के नियम, केंद्र ने कहा- 6 महीने और लगेंगे

इस रैली का आयोजन एक स्थानीय संगठन ने किया जिसे भाजपा और राष्ट्रीय स्यवंसेवक संघ का समर्थन प्राप्त है. गडकरी ने कहा, ‘‘अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों को इंसाफ देने के लिए सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय भारत के मुसलमानों के खिलाफ नहीं है. हम मुसलमानों को देश से बाहर भेजने की बात नहीं कर रहे हैं.’’ Also Read - अफगान संघर्ष: साल 2021 में मरने वाले नागरिकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, जानिए डराने वाले आंकड़े

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उन्होंने कहा कि सरकार की एकमात्र चिंता देश में रह रहे विदेशी घुसपैठियों की है. मंत्री ने कहा कि मुसलमानों को समझना चाहिए कि कांग्रेस उनके विकास में मदद नहीं कर सकती. उन्होंने कहा, ‘‘ उसने (कांग्रेस ने) आपके लिए क्या किया है? मैं देश के मुस्लिम समुदाय से साजिश को समझने का अनुरोध करता हूं. आपका विकास भाजपा ही कर सकती है न कि कांग्रेस.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ आप साइकिल रिक्शा की सवारी करते थे, हमने आपको ई-रिक्शा दिया और आपको अपने पैरों पर खड़े होने में मदद दी. कांग्रेस आपको वोट मशीन समझती है ताकि वह उसके बाद शासन कर सके. इस दुष्प्रचार का शिकार न बनें.’’ गडकरी ने कहा, ‘‘हम सभी एक हैं, हमारी धरोहर एक है. आप मस्जिद जाते हैं, हम विरोध नहीं करते. हम सभी साथ रहेंगे और डॉ. बाबासाहब अंबेडकर के संविधान के अनुसार काम करेंगे. यही बात तो हम कह रहे है, नया कुछ कहां कह रहे हैं.’’