नई दिल्ली| सरकार ने नए कम्प्यूटर वायरस ‘लॉकी रैनसमवेयर’ के फैलने को लेकर चेतावनी जारी की जो कम्प्यूटर को लॉक कर सकता है और इसे खोलने के लिए उगाही मांगी जा सकती है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी के अतिरिक्त सचिव अजय कुमार ने ट्वीट किया कि आज सीईआरटी ने लॉकी रैनसमवेयर के फैलने की चेतावनी दी. रैनसमवेयर एक कम्प्यूटर वायरस है और समझा जाता है कि यह वर्तमान में आधा बिटकॉइन मांग रहा है जिसकी वर्तमान दर डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा है.

साइबर स्वच्छ केंद्र की तरफ से जारी अलर्ट में कहा गया है कि यह खबर मिली है कि नया स्पैम मेल प्रसारित किया जा रहा है जिसके सब्जेक्ट लाइन में लॉकी रैनसमवेयर के अलग-अलग प्रकार का नाम दिया जा रहा है.

मई महीने में महाराष्ट्र मंत्रालय के तक़रीबन 150 कंप्यूटर लॉक हो गए थे यानी उन कंप्यूटरों में दर्ज फ़ाइलों को खोला या पढ़ा नहीं जा सकता है. उस समय जानकारों ने बताया था कि ये एक वायरस अटैक है, जिसके जरिये कंप्यूटर की फ़ाइल लॉक कर फिरौती वसूली जाती है, इसलिए इसका नाम ही लॉकी रैनसमवेयर है.

इससे पहले दुनिया ने अब तक का सबसे बड़ा साइबर हमला रैनसमवेयर देखा था. एक कंप्यूटर मालवेयर के जरिए हमला करने वालों ने लोगों के कंप्यूटर सिस्टम को लॉक कर दिया था और उसके बाद उसे खोलने के लिए फिरौती की मांग की. साइबर अटैकर्स ने बिटकॉइन्स में 300 डॉलर की फिरौती की मांग की.

फ्रांस, रूस, ब्रिटेन, स्वीडन, रूस सहित दुनिया के कई देश इससे प्रभावित हुए. इस हमले की चपेट में भारत भी आया था. इस रैनसमवेयर को वानाक्राइ नाम दिया गया था.

क्या होता है रैनसमवेयर साइबर अटैक

कई मालवेयर, जिन्हें हम अक्सर वायरस कहते हैं इनको हैकर कंप्यूटर में गलत तरीके से प्रवेश करा देते हैं. अक्सर इनका उद्देश्य या तो आपके कंप्यूटर के डाटा को चुराना होता है या फिर उसे मिटाना. लेकिन रैनसमवेयर आपके सिस्टम में आकर आपके डाटा को ‘इनक्रिप्ट’ यानी लॉक कर देता है. यूजर तब तक इसमें मौजूद डेटा तक नहीं पहुंच पाता जब तक कि वह इसे अनलॉक करने के लिए रैनसम यानी फिरौती नहीं देता.
(एजेंसी इनपुट के साथ)