नई दिल्ली. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निरोधक कानून पर आए उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले के संदर्भ में सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला किया है. ऐसे में आंदोलन कर रहे विभिन्न संगठन अपने आंदोलन वापस लें. Also Read - मध्य प्रदेशः युवती का गंभीर आरोप- '10 दिनों तक लॉकअप में रखकर 5 पुलिसकर्मी करते रहे रेप', जांच शुरू

गहलोत ने यहां कहा, ‘भारत सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पित है. उच्चतम न्यायालय ने एससी-एसटी अत्याचार निरोधक कानून को लकर जो फैसला दिया है. उसके संबंध में केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर करने का निर्णय लिया है.’ Also Read - भाजपा ने जम्मू-कश्मीर की सभी पार्टियों को एक मंच पर ला दिया, हम अनुच्छेद 370 को वापस लाएंगे: सज्जाद लोन

उन्होंने कहा, ‘इस मुद्दे को आंदोलन करने वाले सभी संगठनों और लोगों से मेरा अनुरोध है कि वे केंद्र सरकार के इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में अपने आंदोलन वापस लें.’ Also Read - महिलाओं के बैंक खातों में केंद्र सरकार जमा कर रही है 2.20 लाख रुपये? जानिए सच्चाई

बता दें कि शीर्ष अदालत ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार रोकथाम अधिनियम, 1989 के तहत खुद गिरफ्तारी और आपराधिक मामला दर्ज किए जाने पर हाल में रोक लगा दी थी. यह कानून भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ हाशिये पर रहने वाले समुदायों की रक्षा करता है.