नई दिल्ली: भारत में ‘‘मी टू’’ आंदोलन (#MeToo Movement) के जोर पकड़ने के बीच सरकार यौन उत्पीड़न पर कानून में कमियों पर गौर करने के लिए एक मंत्री समूह (जीओएम) गठित करने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि मंत्री समूह को ‘‘जल्द’’ ही अधिसूचित किया जाएगा. Also Read - यूपी: लखनऊ में राजनाथ सिंह की गुमशुदी के पोस्टर लगाए, सपा के 2 कार्यकर्ता अरेस्ट

सूत्रों ने कहा कि पहले ऐसे संकेत थे कि समूह की अध्यक्षता एक वरिष्ठ महिला कैबिनेट मंत्री कर सकती हैं लेकिन अब गृह मंत्री राजनाथ सिंह इसकी अध्यक्षता कर सकते हैं. यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निपटारे के लिए कानूनी एवं संस्थागत ढांचे पर विचार करने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी द्वारा एक कानूनी समिति गठित करने का प्रस्ताव करने और उन्हें मजबूत करने के लिए मंत्रालय को सलाह देने के सिलसिले में कदम उठाए जाने के कुछ दिनों बाद यह प्रस्ताव आया है. Also Read - चीन से तनाव के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री ने की राजनाथ सिंह से बात, इस मुद्दे पर हुई चर्चा

अभिनेता नाना पाटेकर पर एक फिल्म की शूटिंग के दौरान 2008 में अपने साथ दुर्व्यवहार करने का अदाकारा तनुश्री दत्ता द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद देश में शुरू हुआ ‘‘मी टू’’ अभियान तेजी से आगे बढ़ा है. कई महिलाओं ने सामने आकर विभिन्न शख्सियतों के खिलाफ अपनी शिकायत व्यक्त की है. Also Read - लद्दाख गतिरोध: रक्षा मंत्री के बाद पीएम मोदी ने की अजीत डोभाल, CDS जनरल रावत व तीनों सेना प्रमुखों से मुलाकात

यौन दुर्व्यवहार के आरोपियों में पूर्व विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर, फिल्म निर्देशक सुभाष घई, साजिद खान, रजत कपूर और अभिनेता आलोक नाथ आदि शामिल हैं. अकबर ने अपने खिलाफ लगे इन आरोपों को लेकर बुधवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.