नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सरकार के प्रति उद्यमियों के मन में पैदा हो रहे संशय को दूर करते हुये सोमवार को कहा कि कुछ बेईमान और भ्रष्टाचारी लोगों पर कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि उनकी सरकार उद्योगपतियों के खिलाफ है. किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य महज एक पड़ाव है. हमारे लक्ष्य और इससे भी बड़े हैं. Also Read - इंटरनल मीटिंग लाइव करने पर पीएम मोदी ने जताई नाराजगी, बाद में सीएम केजरीवाल ने मांगी माफी

उन्होंने उद्योगपतियों का हौसला बढ़ाते हुये कहा कि यह दशक भारतीय उद्यमियों का होगा. देश के विकास के लिए भारतीय उद्योगपति अधीर हैं. मोदी ने कहा कि 2014 के बाद लिए गए हर निर्णय में यह ध्यान रखा गया कि उद्यमियों को होने वाली परेशानी दूर हो. आईबीसी ईमानदार उद्यमियों का भविष्य बचाने का कानून है. इसने इंस्पेक्टर राज को खत्म किया है. Also Read - Coronavirus in India: अब 11 मुख्यमंत्रियों से बात कर रहे हैं PM Modi, ले सकते हैं कोई बड़ा फैसला! LIVE Updates

श्रम संहिता को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित श्रम संहिता से मजदूरों और उद्योगपतियों दोनों को लाभ होगा. उन्होंने कहा कि आज देश में कॉरपोरेट कर की दरें सबसे कम हैं ताकि कंपनियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. Also Read - 'ऑक्सीजन संकट' को लेकर पीएम मोदी ने की उच्चस्तरीय बैठक, बोले- जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई करें राज्य सरकारें

मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 में यूपीआई के जरिये करीब नौ लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ. इस वित्त वर्ष में दिसंबर तक ही यह आंकड़ा 15 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.

(इनपुट भाषा)