नई दिल्ली। पशु बिक्री पर बैन के नए फैसले पर मचे हंगामे से सरकार खुश नहीं है. सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार इस फैसले के सर्कुलर की भाषा से संतुष्ट नहीं दिखाई दे रही. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने इस संबंध में पीेमओ में कई घंटे की मीटिंग की. इस मीटिंग में सर्कुलर की भाषा और नोटिफिकेशन जारी होने के बाद मचे हंगामें पर चर्चा की गई. संभव है कि आने वाले वक्त में सर्कुलर में भाषाई स्तर पर कुछ बदलाव भी देखने को मिलें. Also Read - चंडीगढ़ में कोरोना का पहला मामला, निरीक्षण के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे डॉ. हर्षवर्धन, अब तक 170 लोग संक्रमित

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार सुबह जर्मनी से लौटते ही डॉक्टर हर्षवर्धन ने पीएमओ में अधिकारियों की मीटिंग बुलाई. माना जा रहा है कि इस मीटिंग में सरकार ने पशु बिक्री बैन के कुछ प्रावधानों की भाषा से असंतुष्टि जाहिर की. तमाम जमीनी दुश्वारियों को देखते हुए नोटिफिकेशन की भाषा में कुछ सुधार किया जा सकता है. मसलन, भैंसे को नोटिफिकेशन के दायरे से बाहर किया जा सकता है. Also Read - कोरोना वायरस: देश में अब तक 28 मामलों की पुष्टि, सरकार का एक्शन प्लान तैयार, पढ़ें स्वास्थ्य मंत्री की 10 बड़ी बातें

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बूचड़खानों के लिए पशुओं की बिक्री पर बैन के बाद विवाद बढ़ता ही जा रहा है. केरल, मद्रास और पश्चिम बंगाल में तो बाकायदा विरोध प्रदर्शन हुए और कई जगह बीफ फेस्ट का आयोजन भी किया गया. मद्रास हाईकोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी और सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है.

केरल के मुख्यमंत्री पीनाराई विजयन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इसका विरोध करने की बात कही है. उनका कहना है किसे क्या खाना चाहिए, ये सरकार को नहीं तय करना चाहिए.