नई दिल्‍ली. गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बीते साल 30 बच्चों की मौत के बाद चर्चा में आए डॉ. कफील खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार डॉ. कफील निपाह वायरस के मरीजों का इलाज करने की इच्‍छा जताने को लेकर चर्चा में हैं. क्‍योंकि डॉ. कफील की पहल का स्‍वागत करते हुए केरल के मुख्‍यमंत्री ने कहा कि उन जैसे डाक्‍टरों के अपने यहां काम करने से उन्‍हें काफी खुशी होगी.

 

बता दें कि बीते दिनों डॉ. कफील खान ने केरल में निपाह वायरस से प्रभावित मरीजों के लिए कार्य करने की इच्छा व्यक्त की थी और इसके लिए केरल के मुख्यमंत्री को ट्वीट कर आग्रह किया था. इस पर मुख्यमंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार कर लिया है. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि राज्य सरकार को उन समर्पित डॉक्टरों का स्वागत करने में खुशी होगी, जो कोझिकोड जिले में सेवा करने के लिए उत्‍सुक हैं. सीएम विजयन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि कई डॉक्टर ऐसे हैं जो मेडिकल फील्ड में अपने जीवन और स्वास्थ्य के लिए कोई चिंता किए बिना सेवा करते हैं. ऐसे लोगों में डॉ. कफील खान एक हैं.

सात महीने जेल में रहे थे डा. कफील खान
डॉ. कफील खान ने बताया कि उन्होंने केरल में निपाह वायरस से प्रभावित मरीजों के लिए कार्य करने की इच्छा व्यक्त की थी और इसके लिए केरल के मुख्यमंत्री को ट्वीट कर आग्रह किया था. मुख्यमंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार कर लिया है. उनके ठहरने की व्यवस्था केरल सरकार करेगी. उन्‍हें खुशी है कि वहां कार्य करने का मौका मिल रहा है. बता दें कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले साल अगस्त में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के बाद कफील सात महीने तक जेल में रहे थे.

निपाह वायरस: मरीजों का इलाज करने केरल जाएंगे डॉ. कफील, कहा- ‘जब जेल में था तब केरल के लोग कर रहे थे सपोर्ट’

केरल में मुसीबत बना है निपाह वायरस
निपाह वायरस के कारण उत्तरी केरल के कोझिकोड़ और मलप्पुरम जिलों में अब तक दस लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को केरल में वायरस फैलने के बारे में सूचित किया गया है. राजन और अशोकन नाम के दो व्यक्तियों का कोझिकोड़ में इलाज चल रहा था. उनकी आज सुबह मृत्यु हो गई. उनके वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

नर्स की वायरस के संपर्क में आने से हुई मौत
नर्सिंग सहायक 28 वर्षीय लिनी की भी इस वायरस के संपर्क में आने के कारण सोमवार को मौत हो गई थी. वायरस संक्रमण के परीक्षण के लिए 18 नमूने भेजे गए थे जिनमें से 12 में संक्रमण की पुष्टि हुई. इनमें से दस लोगों की मौत हो गई. मलप्पुरम में 20 मई को सिंधु और सिजिता की मृत्यु हुई थी. उनके भी निपाह वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. लिनी ने मौत से कुछ मिनट पहले एक भावुक पत्र लिखा, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वायरस फैलने के अंदेशे के कारण लिनी के परिजन उनके शव को देख भी नहीं सके. उनका अंतिम संस्कार प्राधिकार की ओर से ही किया गया.