श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर राज्य से धारा 370 और अनुच्छेद 35A हटाए जाने के बाद प्रदेश सरकार का सचिवालय और अन्य कार्यालय शुक्रवार से काम करना आरंभ कर देंगे, जबकि आमजन पर लगे प्रतिबंधों में ढील नमाज के बाद की स्थिति पर निर्भर करेगी. राजभवन के एक प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. सरकार ने राज्य के बंटवारे और इन धाराओं को हटाने के बाद स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए सभी कार्यालय बंद कर दिए थे.

उन्होंने बताया कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य में बृहस्पतिवार शाम सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद सरकारी सचिवालय एवं अन्य कार्यालयों में सामान्य कामकाज बहाल किए जाने का निर्देश दिया. प्रवक्ता ने बताया कि सरकार जुम्मे की नमाज के दौरान हालात पर नजर रखेगी और इसी के आधार पर आम लोगों के लिए भी प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार किया जाएगा. राज्य में स्वतंत्रता दिवस के शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद ये फैसले लिए गए हैं.

इस बीच कश्मीर घाटी में गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच स्वतंत्रता दिवस मनाया गया. इस दौरान जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि सरकार घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए प्रतिबद्ध है. स्वतंत्रता दिवस समारोह शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किया गया, जहां मलिक ने तिरंगा फहराया. संविधान के अनुच्छेद-370 को रद्द करते हुए राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने के बाद यह जम्मू-कश्मीर का पहला स्वतंत्रता दिवस है.

हतियात के तौर पर कार्यक्रम स्थल तक जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर दिया गया था. स्टेडियम और बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे. जिन्हें अनुमति मिली हुई थी, केवल उन्हें ही स्टेडियम में जाने दिया गया. राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के नेता समारोह में मौजूद नहीं थे, क्योंकि उनमें से अधिकांश को अनुच्छेद-370 रद्द करने के बाद हिरासत में लिया गया है. इस कार्यक्रम में हालांकि भाजपा के कुछ दूसरे नेता शामिल हुए.