कोलकाता: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार ने अनौपचारिक रूप से जीएसटी परिषद को साल में एक बार कर की दरों में बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है, न कि हर तीन महीनों पर क्योंकि मौजूदा व्यवस्था से सरकार और कारोबार दोनों में कुछ अनिश्चितता बनी रहती है. Also Read - कोरोना टीके पर जीएसटी हटाने से इनकार, वित्त मंत्री बोलीं- ऐसा करने से महंगी होगी दवा

मीडिया से बातचीत में सीतारमण ने यहां कहा कि जीएसटी में जब आप एक निश्चित स्तर तक आ चुके हैं तो आवधिक बदलाव से समस्याएं पैदा होंगी, रिफंड समस्याएं आएंगी. इस प्रकार जब एक मद में कर की दर घटेगी तो उससे कई अन्य समस्याएं पैदा होंगी और उससे या तो रिफंड प्रभावित होगा या कारोबारी. वे सही तरीके से योजना नहीं बना पाएंगे कि उनको पूरे साल के कर के लिए कितनी राशि रखनी है. उन्होंने कहा कि इसी प्रकार केंद्र और राज्यों की सरकारें पूरे साल में जीएसटी से होने वाली आय का आकलन नहीं कर पाएंगी. उन्होंने कहा कि इसलिए तीन महीने पर जीएसटी में कटौती या वृद्धि से कुछ हद तक अस्थिरता बनी रहती है. Also Read - जीएसटी के तहत करदाताओं के लिए सरकार ने की विभिन्न राहत उपायों की घोषणा

जनवरी में जीएसटी संग्रह 1.11 लाख करोड़ रुपये
सीतारमण ने कहा कि अब हमने जीएसटी परिषद को प्रस्ताव दिया है जोकि औपचारिक नहीं है बल्कि संक्षिप्त बातचीत के तौर पर है. हमने कहा है कि क्या हम ऐसी स्थिति पर विचार कर सकते हैं कि कर की दरों में बदलाव-कटौती या वृद्धि, साल में साल में एक बार किया जाए. वित्तमंत्री ने इस बात से इनकार किया वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह घटता जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसमें कमी नहीं आई है. सिर्फ एक बार ऐसा हुआ है कि इसमें कमी आई. जनवरी में जीएसटी संग्रह 1.11 लाख करोड़ रुपये हुआ. Also Read - AIIMS प्रमुख की सलाह, घर पर न लें रेमेडिसविर; सरकार बोली- नियमों का पालन करें कोराना को 'घोटाला' बता रहे लोग