नई दिल्ली| केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने आज बताया कि सरकार ने सही से काम न करने वाले काम न करने वाले 133 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. सिंह ने आज राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई उस समीक्षा का हिस्सा है जो केंद्र सरकार ने अपने कार्यबल में काम न करने वाले कर्मियों का पता लगाने के लिए की थी.

उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में एक आईएएस अधिकारी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई. सिंह ने बताया कि समूह ए के 30 और समूह बी के 103 कर्मियों के मामले में मई 2017 तक आवश्यक प्रावधान या तो लागू किए गए या इसकी सिफारिश की गई.

वर्ष 2014 में मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपी आईएएस दंपती अरविंद एवं टीनू जोशी को सेवा से बर्खास्त किया गया. इस कार्रवाई से चार साल पहले उनके घर पर आयकर विभाग के छापे में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक, करीब 350 करोड़ रूपये मूल्य की संपत्ति का पता चला था और 3 करोड़ रूपये नगद बरामद हुए थे.

सरकारी कर्मचारियों की सेवा समीक्षा दो बार की जाती है. पहली उनकी नौकरी के 15 साल बाद और फिर 25 साल बाद की जाती है.