मुंबई: मुंबई की रेलवे ट्रेक से पुलिस को एक बुजुर्ग भिखारी की लावारिश लाश मिली। मृतक की पहचान सीकर के रामगढ़ निवासी बिड़दीचंद पानाराम आजाद के रूप में हुई है। मृतक के दस्तावेजों के आधार पर परिजनों का पता लगाने के लिए रामगढ़ थाना पुलिस की मदद ली जा रही है। बुजुर्ग व्यक्ति के परिवार का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग व्यक्ति के पास 8.77 लाख की फिक्स्ड डिपॉजिट, बैंक खातों में सिक्कों में जमा 96,000 रुपए और झुग्गी से 1.75 लाख तक के सिक्के मिले हैं। रेलवे पुलिस आजाद के बेटे से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, जो राजस्थान में रहता है। पुलिस को आजाद का मृतक शरीर रेलवे ट्रैक से बरामद हुआ।

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स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि मृतक का नाम आजाद था और वह झुग्गी में रहता था। आजाद ट्रेनों की हार्बर लाइन में भीख मांगने का काम करता था। पूछताछ करने पर एक व्यक्ति ने बताया कि आजाद अकेला रहता था और उसके कोई रिश्तेदार भी नहीं थे। रेलवे पुलिस के वरिष्ठ इंस्पेक्टर ने बताया कि आजाद के बारे में जानकारी पाने के लिए हम उसकी झोपड़ी में भी गए थे। रेलवे पुलिस के सब-इंस्पेक्टर प्रवीन कांबले ने बताया, ‘हमें आजाद की झोपड़ी से चार बड़े कंटेनर और एक बैरल बरामद हुआ है।’ कंटेनर के अंदर आजाद ने 1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्कों से भरी प्लास्टिक की थैलियां रखी हुई थी।

कांबले ने आगे कहा कि हमने शनिवार से लेकर रविवार तक आजाद की ओर से जमा किए गए सिक्कों की गिनती की, जिनका मूल्य 1.75 लाख रुपए था। पुलिस को झोपड़ी से एक स्टील का कंटेनर भी मिला है जिसमें आजाद के नाम का पैन कार्ड, आधार कार्ड और सीनियर सिटीजन कार्ड मिला। दस्तावेजों से पुलिस को पता चला कि आजाद का जन्म 27 फरवरी 1937 में हुआ था, और इससे पहले वह शिवाजी नगर में रहता था। इसके अलावा पुलिस को आजाद से संबंधित और भी दस्तावेज मिले, जिसमें 8.77 लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट की रशीद, और दो बैंकों की पासबुक भी मिली। आजाद के दोनों बैंक खातों में 96 हजार रुपए थे। बैंक में ये सभी पैसा सिक्कों के रूप में जमा था।