नई दिल्लीः विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार सरकार ने सोमवार को विटामिन बी1 और बी 12 सहित 24 फार्मा सामग्रियों और दवाओं पर निर्यात प्रतिबंधों में ढील दे दी. अधिसूचना के अनुसार पैरासिटामोल और पैरासिटामोल से बनी अन्य दवाइयों पर निर्यात प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेंगे. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने तीन मार्च को 26 दवा सामग्रियों (एपीआई) और उनके यौगिक दवाइयों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था जिसके तहत निर्यातक को निर्यात के लिए डीजीएफटी से लाइसेंस या अनुमति लेनी होती है. कुछ फार्मा कंपनियों द्वारा इन प्रतिबंधों को लेकर चिंता जताए जाने के बीच अब 24 एपीआई और इनके यौगिक दवाओं का निर्यात आसान हो गया है. Also Read - पंजाब में कोविड-19 के 21 नए मामले सामने आये, कुल संख्या बढ़ कर 2,081 हुई

आपको बता दें कि लगभग एक महीने पहले भारत सरकार ने कई सारी दवाओं पर निर्यात संबंधी प्रतिबंध लगा दिए थे. इनमें से बहुत सारी दवाइयां जेनरिक मेडिसिन थीं. भारत जेनरिक दवाइयों के निर्माण में विश्व में पहेल नंबर पर आता है और शायद यही कारण है कि इस समय कोरोना के संकट में दुनिया के कई देश भारत से मलेरिया में काम आने वाली हाइड्रोक्सी क्लोरो क्वीन टेबलेट की मांग कर रहे हैं. Also Read - शादी के तुरंत बाद दूल्‍हा-दुल्‍हन सीधे पहुंचे अस्‍पताल, कोरोना टेस्‍ट कराने के बाद पहुंचे घर

हाल ही में अमेरिका के अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी से हाइड्रोक्सी क्लोरो क्वीन पर लगे प्रतिबंधों को हटाकर उसे निर्यात करने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि अगर यह दवा कोरोना के इलाज में कारगर है तो मैं भी इसे डॉक्टर्स की सलाह पर लूंगा.