केंद्र सरकार ने ट्विटर (Twitter) पर किसानों के विरोध प्रदर्शनों (Farmers Protests) के बारे में गलत सूचना और भड़काऊ सामग्री फैलाने वाले 1178 पाकिस्तानी-खालिस्तानी ( Pakistani-Khalistani)खातों को हटाने के लिए सोशल मीडिया कंपनी से कहा है. सूत्रों के मुताबिक, टि्वटर को अभी इसी आदेश का पूरी तरह से पालन करना है. Also Read - Kisan Andolan: किसान आंदोलन से NHAI के सामने बड़ी चुनौतियां, कई प्रोजेक्ट के काम लटके

सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने ट्विटर पर किसानों के विरोध प्रदर्शनों के बारे में गलत सूचना और भड़काऊ सामग्री फैलाने वाले 1178 पाकिस्तानी-खालिस्तानी खातों को हटाने के लिए कहा है. सरकार के इस आदेश को टि्वटर द्वारा पूरी तरह से अभी अनुपालन करना है. Also Read - Kisan Andolan: आंदोलन तेज करेंगे किसान- SKM का ऐलान, चुनावी राज्यों में BJP का करेंगे विरोध और 12 मार्च को...

बता दें कि गाज़ीपुर ​बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 73वें दिन भी जारी है. 26 जनवरी को हुई हिंसा के बाद सरकार ने ऐसे सैकड़ों टि्वटर अकांउट्स की पहचान की है, जो किसानों के विरोध प्रदर्शन के बारे में गलत और भड़काऊ सूचना फैला रहे हैं. इसके बाद केंद्र सरकार 1178 पाकिस्तानी-खालिस्तानी अकाउंट हटाने के लिए कहा है. हालाकि अभी इस पर टि्वटर की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. देखना होगा कि इस दिशा में टि्वटर क्‍या और कितना प्रभावी कदम उठा रहा है. Also Read - Twitter के इस फीचर में हो रहा बदलाव, बदल जाएगा Microblogging का अनुभव

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उसने पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और अन्य लोगों द्वारा ट्विटर पर साझा किए गए एक ‘टूलकिट’ के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी. एक शीर्ष अधिकारी ने कहा था कि आरंभिक जांच में संकेत मिला है कि इस दस्तावेज का संबंध खालिस्तान समर्थक समूह के साथ है. गायिका रिहाना और थनबर्ग समेत विश्व की जानी-मानी हस्तियों द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों का समर्थन करने की पृष्ठभूमि में दिल्ली पुलिस का यह बयान आया था.

किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए पर्यावरण कार्यकर्ता थनबर्ग ने उन लोगों के लिए एक ”टूलकिट साझा किया था, जो मदद करना चाहते हैं.” इस दस्तावेज में किसानों के समर्थन में ट्विटर पर ट्वीट की झड़ी लगाने और भारतीय दूतावासों के बाहर प्रदर्शन करने की भी योजना तैयार की गई थी. विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) प्रवीर रंजन ने कहा था कि दिल्ली पुलिस को एक अकाउंट के जरिए एक दस्तावेज मिला है, जो एक ‘टूलकिट’है. इसमें देश में सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की बात कही गई थी. आपराधिक साजिश, राजद्रोह और अन्य आरोपों पर इसके लेखक के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा था कि शुरुआती जांच से पता चला है कि एक खालिस्तानी समर्थक संगठन ने यह ‘टूलकिट’ तैयार किया. सोशल मीडिया पर अपलोड दस्तावेज में 26 जनवरी को और उससे पहले डिजिटल जगत में कई ट्वीट करने की बात कही गयी थी.