नई दिल्ली| केंद्र सरकार के मंत्री और कई अधिकारी जल्द ही आपको इलेक्ट्रिक कार की सवारी करते हुए दिख सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण को रोकने पर जोर देते हैं. अब लगता है कि केंद्र सरकार मोदी के पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने की बात को एक कदम और आगे बढ़ाते हुए नवंबर महीने में में इलेक्ट्रिक कारों की सवारी शुरू कर देगा.Also Read - प्रदूषण से निपटने के दिल्ली मेट्रो का खास प्लान, अधिक एंटी-स्मॉग गन तैनात करेगी DMRC

भारत लगभग विश्व का तीसरा बड़ा तेल खपत करने वाला देश है और ये ईंधन भारी मात्रा में पेट्रोल और डीजल वाहनों के जरिए प्रदूषण फैलाता है और इसी प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार 10, 000 इलेक्ट्रिक कार सेडान खरीदने की तैयारी में है. Also Read - 'सेंट्रल विस्टा परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है', केन्द्र सरकार बोली- प्रदूषण रोकने के वास्ते किए गए सभी उपाय

इन कारों को चार्जिंग के लिए दिल्ली-एनसीआर इलाके में करीब 4000 चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जा सकते हैं. इसके लिए पहले 1000 गाड़ियां आएंगी और फिर 9000 गाड़ियां अगली किस्त में आएंगी. Also Read - Delhi Air Quality: निर्माण गतिविधियों पर रोक के बावजूद दिल्ली की हवा अब भी 'बहुत खराब'

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि हमनें इसके लिए टेंडर निकाल दिए हैं, जल्द ही हम इस योजना को सरकारी विभागों के साथ शुरू करेंगे. ईईएसएल के एमडी सौरभ कुमार के अनुसार, कंपनी लगभग एक हजार इलेक्ट्रिक कार चार सीटों वाली खरीदेगी.

कार की खासियत
इस इलेक्ट्रिक कार की स्पीड 120-150 किमी/घंटा तक हो सकती है. पहले फेज में एनडीएमसी इलाके में 300-400 कारें दौड़ सकती हैं. जो कि कई मंत्रियों और अफसरों को मुहैया कराई जाएंगी. पियूष ने कहा कि हमनें सरकार के सामने प्रस्ताव पेश किया है कि गाड़ी, ड्राइवर और रखरखाव का काम हम ही करेंगे. उन्होंने कहा कि इससे काफी बचत हो सकती है और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिल सकती है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनिया में अभी केवल 1 फीसदी ही इलेक्ट्रिक कारें हैं लेकिन ये आंकड़ा 2025 तक 20 प्रतिशत और साल 2030 तक 30 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. अगर सरकार के लक्ष्य के मुताबिक इलेक्ट्रिक कार दौड़ाने का फॉर्मूला कामयाब हो गया तो देश में मौजूद 53 हजार पेट्रोल पंपों पर खासा असर देखने को मिलेगा.