सरकार ने लिया एयर इंडिया में हिस्सेदारी बेचने का फैसला
नई दिल्ली| सरकार ने आज एयर इंडिया में हिस्सेदारी बेचने की अहम मंजूरी दे दी. बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि सरकार ने एयर इंडिया में हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है. इसके लिए एक समूह का गठन किया जाएगा जो विनिवेश पर पूरी प्रक्रिया को तैयार करेगा. इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया कि बैठक में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशोंं को भी मंजूरी दी गई.
Group will be set up to finalize modalities/details of disinvestment of Air India, such as extent etc.: FM Arun Jaitley. pic.twitter.com/YeTX9tUs5Y
इससे पहले जेटली ने 5 जून को कहा था कि सरकार के पास एयर इंडिया को बेचने का प्रस्ताव है. कर्ज के बोझ से जूझ रही एयर इंडिया के भविष्य का फैसला नागरिक विमानन मंत्रालय करेगा.
सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया की बाजार हिस्सेदारी 14 फीसदी है और उस पर 50,000 करोड़ का कर्ज भी है. हालांकि कितनी हिस्सेदारी बेची जाएगी और इसमें विदेशी कंपनियां शामिल होंगी या नहीं इसके बारे में जेटली ने कुछ नहीं बताया. जेटली एयर इंडिया के पूर्ण निजीकरण का संकेत पहले ही दे चुके थे. उन्होंने कहा था कि 86 फीसदी विमानन बाजार निजी क्षेत्र संभाल रही हैं. ऐसे में 100 फीसदी भी निजी क्षेत्र ही चला सकती हैं.
टाटा खरीद सकता है एयर इंडिया में हिस्सेदारी
कुछ दिनों पहले ही खबर आई थी कि टाटा समूह सिंगापुर एयरलाइंस के साथ मिलकर सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया को खरीदने पर विचार कर रहा है. टाइम्स नाऊ के मुताबिक टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इस संबंध मे सरकार से अनौपचारिक से बात भी की है. रिपोर्ट के मुताबिक टाटा ने एयर इंडिया में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी की इच्छा जताई है. साल 2013 में रतन टाटा ने कहा था कि जब भी एयर इंडिया का निजीकरण होगा तो उस पर टाटा समूह जरूर विचार करेगी और उनके लिए यह ख़ुशी की बात होगी.
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