अहमदाबाद: गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी अनिल प्रथम ने देशभर से सामने आई बलात्कार की घटनाओं पर हैरानी जताते हुए महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर पुलिस के रवैये पर नाखुशी प्रकट की. 1989 बैच के अधिकारी प्रथम फिलहाल राज्य की महिला शाखा में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं. प्रथम ने इस तरह के अपराधों को लेकर रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों ट्विटर और फेसबुक पर अपनी चिंताएं जाहिर कीं.Also Read - Surat की पैकेजिंग फैक्टरी में लगी आग, दो की मौत; 125 को बचाया गया

प्रथम ने रविवार को ट्वीट किया, “मैंने सुबह तीन समाचार पत्र पढ़े, जिनमें देशभर से सामने आईं बलात्कार की घटनाओं की खबरें थीं. गुजरात में बीते 48 घंटे में बलात्कार के तीन मामले सामने आए. मैं नागरिकों के साथ दूरी को पाटने के लिए महिला सशक्तिकरण के मामले में हितधारकों (पुलिस भी) के दृष्टिकोण से नाखुश हूं.” Also Read - रामजन्मभूमि की तीर्थयात्रा करने वाले आदिवासियों को देंगे पांच हजार रुपये देगी गुजरात सरकार, पर्यटन मंत्री मोदी ने किया ऐलान

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अधिकारी ने कहा कि यह सच है कि केंद्र और राज्य सरकारों ने देश भर में विभिन्न योजनाओं में भारी मात्रा में पैसा लगाया है. प्रथम ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पूछे जाने पर सोमवार को कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को वह प्राथमिकता नहीं दी गई है, जिसकी वह हकदार हैं.

गौरतलब हैदराबाद में वेटरनरी लेडी डॉक्टर से गैंगरेप और हत्या को लेकर लोग गुस्से में हैं. सोशल मीडिया पर लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. देश भर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं. राज्यसभा सांसद जया बच्चन (Jaya Bachchan) ने आरोपियों को भीड़ को सौंप देने की बात कही. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की बात कही है.

(इनपुट-भाषा)