जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि 15 अगस्त के बाद राज्य में प्रतिबंधों में धीरे-धीरे ढील दी जाएगी. अगले 10 दिनों के भीतर घाटी की स्थिति काफी हद तक ठीक हो जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने राज्य का दौरा करने को लेकर शर्ते लगाकर यहां अशांति पैदा करने की कोशिश की है. गौरतलब है कि कश्मीर में हिंसा की खबरों संबंधी राहुल गांधी के बयान पर मलिक ने सोमवार को कहा था कि वह राहुल गांधी को घाटी का दौरा करने और जमीनी हकीकत जानने के लिए एक विमान भेजेंगे. इसके जवाब में राहुल गांधी ने था कि उन्हें विमान की नहीं है, बल्कि वह तथा अन्य विपक्षी नेता भी यात्रा करेंगे. कांग्रेस नेता ने ट्वीट करके राज्यपाल से अनुरोध किया था कि उन्हें लोगों और जवानों से मिलने की आजादी दी जाए.

इस मसले पर टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में राज्यपाल ने कहा है कि उन्होंने राहुल गांधी को खुद स्थिति का जायजा लेने के लिए आमंत्रित किया था. लेकिन उन्होंने शर्त रख दी. वह हिरासत में लिए गए नेताओं से मिलना चाहते हैं. क्या यह संभव है? अब हमने आपना आमंत्रण वापस ले लिया है. राज्यपाल ने आगे कहा कि जहां तक फोन और नेट का सवाल है तो इसका इस्तेमाल युवाओं को भटकाने के लिए किया जाता है. ऐसे में हम नहीं चाहते कि दुश्मन इसको अपना हथियार बनाएं. जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक इस पर रोक जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि 10 दिनों के भीतर सब कुछ ठीक हो जाएगा. इसके बाद इसे धीरे-धीरे खोला जाएगा.

कांग्रेस ने राज्य का दौरा करने के प्रस्ताव पर ‘यू-टर्न लेने’ के लिए राज्यपाल पर पलटवार किया और कहा कि उन्हें अपनी बात पर डटे रहना चाहिए. कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया, ‘राज्यपाल यू-टर्न ले रहे हैं. उन्होंने प्रस्ताव दिया था कि हर कोई स्वयं घाटी में आकर स्थिति का आकलन कर सकता है.’ कांग्रेस ने कहा, ‘उन्हें अपने शब्दों पर डटे रहना चाहिए और बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल को बिना रुकावट के जम्मू-कश्मीर के दौरे की अनुमति देनी चाहिए.’

मलिक ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेता को कभी इतनी पूर्व शर्तों के साथ आमंत्रित नहीं किया था. गांधी ने मंगलवार को मलिक के राज्य का दौरा करने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया था लेकिन कहा था कि उन्हें विमान की जरूरत नहीं है और वह तथा अन्य विपक्षी नेता भी यात्रा करेंगे. कांग्रेस नेता ने ट्वीट करके राज्यपाल से अनुरोध किया था कि उन्हें लोगों और जवानों से मिलने की आजादी दी जाए.

कश्मीर में हिंसा पर गांधी के बयान पर मलिक ने कहा, ‘राहुल गांधी कश्मीर के हालात के बारे में फर्जी खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं जो संभवत: सीमापार से प्रसारित की गयी हैं. हालात शांतिपूर्ण हैं और नहीं के बराबर घटनाएं हुई हैं.’ राज्यपाल ने कहा कि राहुल गांधी विभिन्न भारतीय टीवी चैनलों को देखकर खुद पता लगा सकते हैं जिन्होंने कश्मीर घाटी के सही हालात बयां किये हैं.