नई दिल्ली: राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व विचारक के एन गोविंदाचार्य ने इस आंदोलन की सफलता का श्रेय शनिवार को विहिप के दिग्गज नेता दिवंगत अशोक सिंघल और भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी को दिया.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या में विवादित जमीन पर राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए 1990 के दशक में मंदिर निर्माण के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से आडवाणी की रथयात्रा के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक गोविंदाचार्य ने इस फैसले पर “हार्दिक प्रसन्नता” जाहिर की. उन्होंने कहा कि मैं बेहद खुश हूं. अब, तीन महीने के अंदर मंदिर निर्माण की योजना तैयार कर ली जाएगी. गोविंदाचार्य ने कहा कि देश में सांप्रदायिक सौहार्द्र हर हाल में बना रहना चाहिए जिससे वह “राम मंदिर” से “राम राज्य” की दिशा में बढ़ सके.

यह पूछे जाने पर कि वह राम मंदिर निर्माण के आंदोलन की सफलता का श्रेय किसे देंगे, उन्होंने कहा, “लाखों कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिया है. आंदोलन के नेतृत्व के लिए मैं सबसे ज्यादा श्रेय अशोक सिंघल और लालकृष्ण आडवाणी को दूंगा. सिंघल लंबे समय तक विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे थे और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे.