नई दिल्ली: केन्द्र सरकार ने स्विस बैंकों में भारतीयों के जमा काले धन की मात्रा में इजाफे की खबरों को भ्रामक बताते हुये इनका खंडन किया है. केन्द्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक सवाल के जवाब में स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) की आधिकारिक प्रतिक्रिया के हवाले से कहा कि स्विस बैंक खातों में भारतीयों की जमा राशि पिछले एक साल में घटी है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में यह राशि 34.5 प्रतिशत घटी है जबकि साल 2013 से 2018 तक स्विस बैंकों में भारतीयों के खातों में जमा राशि में 80 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गयी है.

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राज्यसभा में इनेलो ने उठाया मुद्दा
हालांकि इस पर सदन में विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सभापति एम वैंकेया नायडू ने बैठक दोपहर दो बजे तक के लिये स्थगित कर दी. इनेलो सदस्य राम कुमार कश्यप ने हालिया मीडिया रिपोर्टों में स्विस बैंकों में भारतीयों के जमा काले धन में पिछले एक साल में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का हवाला देते हुये सरकार से इस बारे में आधिकारिक जानकारी देने और इस स्थिति से निपटने के लिये किये जा रहे उपायों के बारे में पूछा था. इसके जवाब में गोयल ने स्पष्ट किया कि सरकार ने उक्त मीडिया रिपोर्ट की एसएनबी से पुष्टि करने के लिये पत्र लिखा था. इसके जवाब में एसएनबी ने भारतीय मीडिया में प्रकाशित इस आशय की खबरों को गलत विश्लेषण पर आधारित बताते हुये इसका खंडन किया.

 

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2016 से कम हो गया जमा
गोयल ने बताया कि एसएनबी ने स्विस बैंकों में जमा भारतीय खातेदारों की राशि में कमी आने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, ‘‘बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के सहयोग से एसएनबी द्वारा एकत्र आंकड़े दर्शाते हैं कि 2017 में स्विस बैंकों में भारतीयों के, बैंकों के अलावा अन्य ऋण और जमा राशि में 2016 की तुलना में 34.5 प्रतिशत की कमी आयी है. इसके अलावा 2013 से 2017 के बीच भारतीयों के स्विस गैर बैंक ऋणों और जमा राशि में 80.2 प्रतिशत की कमी आयी है.’’ तृणमूल कांग्रेस के सुखेन्दु शेखर राय ने एक पूरक प्रश्न में पूछा कि सरकारें पिछले 24 सालों में स्विस बैंकों के साथ काले धन की जानकारी साझा करने के लिए संधियां की गयीं और सरकार को बताना चाहिये कि अब तक इसके तहत कितने मामलों में कार्रवाई की गयी और सभी भारतीयों के बैंक खातों में 15 लाख रुपये कब आयेगा.

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नए करार से जानकारी मांगने की जरूरत नहीं
इसके जवाब में गोयल ने कहा कि अगर राय के पास इस दिशा में आधिकारिक जानकारी है तो वह सरकार के साथ इन्हें साझा करें जिससे इन पर कार्रवाई की जा सके. इस पर सदन में तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने आसन के समीप आकर ‘‘कालाधन वापस लाओ’’ के नारे लगाना शुरू कर दिया. हंगामे के बीच गोयल ने स्विस बैंकों के साथ कालेधन के बारे में साझा की गयी जानकारियों का ब्यौरा देते हुये बताया कि 2014 से 2018 तक सरकार ने स्विस बैंकों से 4843 जानकारियां दी हैं. इसके आधार पर उचित कार्रवाई की जा रही है. गोयल ने कहा कि एक नयी संधि के तहत एक जनवरी 2018 के बाद स्विस बैंकों में भारतीयों के लेन-देन की जानकारी स्वत: सरकार को मिल जाएगी और इसे मांगना नहीं पड़ेगा.