India-China Border Standoff:  चीन के साथ एलएसी पर जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार विपक्ष के नेताओं के साथ बंद कमरे में विचार विमर्श कर सकती है. सरकार ने इस मसले पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने को लेकर अनिच्छा जाहिर की है. सरकार का कहना है कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा कराना ठीक नहीं है. ऐसे में सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो विपक्षी दलों के साथ बंद कमरे में चर्चा की जा सकती है. Also Read - चीन ने दूसरे दिन ताइवान के जलडमरु मध्‍य के ऊपर 19 फाइटर जेट उड़ाए, US को लेकर दी धमकी

अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने विपक्षी दलों के साथ बातचीत को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. लेकिन जरूरत पड़ने पर ऐसा किया जा सकता है. सूत्रों के हवाले से छपी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने अभी तक इस बारे में सभी विपक्षी दलों से संपर्क नहीं साधा है. Also Read - लद्दाख सीमा विवाद: ‘चाइना स्टडी ग्रुप’ की करीब 90 मिनट तक चली बैठक, रक्षा मंत्री से लेकर सेना प्रमुखों ने की तैयारियों की समीक्षा

गौरतलब है कि विपक्षी दल सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि वह इस मुद्दे पर चर्चा से भाग रही है. ऐसे में रक्षा मंत्रालय के अधिकारी विभिन्न दलों के नेताओं को बंद कमरे में ताजा स्थिति के बारे में बता सकते हैं. Also Read - ड्रैगन की हिमाकत! चीन ने ताइवानी क्षेत्र में उड़ाए लड़ाकू विमान, इसी देश में मौजूद हैं अमेरिकी दूत

अखबार ने विपक्ष के एक नेता के हवाले से यह रिपोर्ट छापी है. विपक्षी नेता ने बताया है कि सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने उन्हें यह बात बताई है कि सरकार सदन में विभिन्न पार्टियों के नेताओं के साथ अलग से बातचीत करने पर विचार कर रही है.

वैसे सदन में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने ऐसी किसी चर्चा की उपयोगिता पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि अखबारों में इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है. जनता इस बारे में चर्चा कर रही है. हर कोई अपने हिसाब से चर्चा कर रहा है. ऐसे में भारत की संसद इस मसले पर क्यों चर्चा नहीं कर सकती है.