नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए सरकार ने आज कहा कि वह उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने यूपीए शासन के कार्यकाल के आखिरी दिनों में निजी क्षेत्र की व्यापारिक कंपनियों के लिये स्वर्ण आयात नियमों में ढील दी. इससे ऐसी13 इकाइयों को4,500 करोड़ रुपये का अप्रत्याशित लाभ हुआ. पंजाब नेशनल बैंक में12,700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कांग्रेस के हमले का सामना कर रही सत्तारूढ़ भाजपा ने इस महीने चिदंबरम पर 80:20 स्वर्ण योजना के जरिए मेहुल चोकसी और नीरव मोदी को सहायता पहुंचाने का आरोप लगाया. चोकसी और नीरव देश के सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी (पीएनबी रिण घोटे) में मुख्य आरोपी हैं.

सरकार ने इस योजना से फायदे में रहे किसी ट्रेडिंग हाउस का नाम लिए बगैर एक बयान में कहा कि उसने सत्ता में आने के कुछ ही महीनों में साहसिक कदम उठाते हुए निजी स्वर्ण आयातकों को फायदा पहुचाने वाले सभी भेदभाव को समाप्त किया. सरकार ने कहा कि 2012-13 में देश में सोने का आयात बढ़ रहा था और इससे चालू खाते के घाटे पर दबाव पड़ा. इससे उच्च सीमा शुल्क समेत अन्य उपायों से आयात पर शिकंजा कसा गया.

Ravi shankar prasad says, Chidambaram also favoured Mehul choksi’s company Gitanjali | चिदंबरम ने मेहुल चोकसी की कंपनी को भी पहुंचाया फायदा: रविशंकर प्रसाद

Ravi shankar prasad says, Chidambaram also favoured Mehul choksi’s company Gitanjali | चिदंबरम ने मेहुल चोकसी की कंपनी को भी पहुंचाया फायदा: रविशंकर प्रसाद

साल 2013 के जुलाई- अगस्त में इसे 20:80 योजना को संशोधित किया गया. इसमें केवल बैंक और एमएमटीसी और एसटीसी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों को सोने के आयात की अनुमति दी गई. शर्त थी कि आयातित सोने के पांचवें हिस्से के बराबर निर्यात किए जाने के बाद आगे नई खेप के आयात की अनुमति होगी. वाणिज्य मंत्रालय ने इस बयान में चिदंबरम के निर्णय के हवाले से कहा कि हालांकि 21 मई2014 को प्रीमियर ट्रेडिंग हाउस और स्टार ट्रेडिंग हाउस का दर्जा प्राप्त फर्मों को भी 20:80 योजना के तहत सोने के आयात की अनुमति दे दी गई. साथ ही निजी व्यापारियों को भी योजना के अंतर्गत आयात की अनुमति दी गई.

बयान के मुताबिक, तत्कालीन वित्त मंत्री ने13 मई2014 को संशोधित योजना को मंजूरी दी. यह मंजूरी तब दी गयी जब लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ पांच मार्च 2014 से आचार संहिता लागू थी और वोटों की गिनती का काम16 मई2014 को होना था. सरकार ने कहा कि प्रीमियर और स्टार ट्रेडिंग हाउस का दर्जा प्राप्त निजी कंपनियों को सोने के आयात की अनुमति से इन इकाइयों को अप्रत्याशित लाभ हुआ.

कैग की रिपोर्ट का हवाला

बयान में कैग रिपोर्ट का हवाला दिया गया है. तेरह ट्रेडिंग हाउस दर्जे वाली फर्मों ने जून 2014 से नवंबर 2014 के बीच 282.77 टन सोने का आयात का आयात किया. इसका मतलब है कि इन एजेंसियों को इस दौरान 4,500 करोड़ रुपये का अप्रत्याशित लाभ हुआ. इसमें यह माना गया है कि प्रति किलो 2 लाख रुपये के प्रीमियम और 80 प्रतिशत आयातित सोने की आपूर्ति घरेलू बाजार में प्रीमियम कीमत पर की गई. बयान में कहा गया है कि नई सरकार ने एक साहसिक निर्णय लिया और सोने के आयात को उदार बनाने के साथ 28 नवंबर को 20:80 योजना को खत्म कर दिया. बयान में कहा गया है कि इस योजना को खत्म करने से प्रीमियर और स्टार ट्रेडिंग हाउस फर्मों के लिए अनुचित लाभ की स्थिति खत्म हो गई.

रविशंकर प्रसाद ने बोला था हमला

बता दें कि 5 मार्च 2018 को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गोल्ड स्कीम को लेकर पी. चिदंबरम पर हमला बोला था. प्रसाद ने कहा था कि जिन सात कंपनियों को गोल्ड के आयात की इजाजत दी गई उनमें मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स भी थी. उन्होंने कहा कि 16 मई 2014 को आम चुनाव की मतगणना के दिन ही इस योजना के नवीनीकरण को हरी झंडी दी गई थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में ही भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हुई थीं. गोल्ड स्कीम मामले में सीएजी ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इससे सरकार को 1 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. रविशंकर का बयान संकेत है कि आने वाले वक्त में चिदंबरम के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.