नई दिल्लीः आंध्र प्रदेश सरकार ने वेटनरी महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और मर्डर केस के बाद महिलाओं के प्रति हो रहे जघन्य अपराधों पर रोक लगाने के लिए राज्य में दिशा एक्ट 2019 पारित किया था. अब सरकार ने इसे सुचारु रूप से लागू करने के लिए एक और कदम आगे बढ़ा दिया है. राज्य सरकार ने इस कानून के लिए दो महिला ऑफिसर्स की नियुक्ति की है ताकि वें घटना की शिकार हुई महिलाओं के दर्द को समझकर उन्हें तुरंत न्याय दिला सकें.

आंध्र प्रदेश सरकार ने इसके लिए आईएएस अधिकारी डॉ.कृतिका शुक्ला और आईपीएस अधिकारी एम दीपिका को नियुक्त किया है. सरकार का मानना है कि महिला होने के नाते यह दोनों अधिकारी घटना में एक महिला के दर्द और उसकी परेशानियों को अच्छे से समझ सकती हैं और इसके लिए वे जल्द से जल्द न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती हैं.

आपको बता दें कि डॉ. कृतिका शुक्ला वर्तमान में महिला विकास और बाल कल्याण विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत है वहीं दूसरी तरफ आईपीएस दीपिका एएसपी के पद पर करनूल जिले में कार्यरत हैं. इन दोनों महिला अधिकारियों का स्थानांतरण कर उन्हें दिशा विशेष अधिकारी के पद पर नियुक्त कर दिया गया है.

बता दें कि दिशा एक्ट 2019 के अनुसार बलात्कार और सामूहिक बलात्कार की घटनाओं में आरोपियों को 21 दिन के अंदर सजा देने का फैसला है. इसके लिए घटना की एक हफ्ते में जांच और दो हफ्ते में सुनवाई पूरी करने का प्रावधान है. इस एक्ट में आरोपियों को सजा देने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 173 और धारा 309 में संशोधन किया गया और अधिनियम में अतिरिक्त धाराएं लागू की गईं हैं.