नई दिल्ली: ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए अच्छी खबर है. सरकार जल्द ही देश के गांवों में बीपीओ खोलने की तैयारी कर रही है जिससे युवाओं को नौकरी के लिए शहर आने की मजबूरी खत्म हो जाएगी. सरकार ने बुधवार को कहा कि देश के छोटे शहरों में बीपीओ खोलने के बाद अब इसका विस्तार ग्रामीण इलाकों में भी किया जायेगा ताकि इन क्षेत्रों के नौजवानों को रोजगार मिल सके.Also Read - New IT rules 2021: भारत में Twitter ने गंवाई कानूनी सुरक्षा, केंद्र ने दिखाई सख्ती, तो कही ये बात

लोकसभा में गोपाल शेट्टी और सुष्मिता देव के पूरक प्रश्नों के उत्तर में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश में छोटे शहरों में बीपीओ उद्योग को पहुंचाने के लिए 2015 में शुरुआत की गई थी. अब तक 200 से अधिक बीपीओ खुल चुके हैं जिनमें 21 हजार से ज्यादा नौजवानों को रोजगार मिला है. उन्होंने कहा कि अभी छोटो शहरों में ये बीपीओ खोले जा रहे हैं और आने वाले समय में ग्रामीण इलाकों तक भी इनको पहुंचाया जाएगा. मंत्रालय इसमें पूरी मदद कर रहा है. Also Read - Whatsapp Vs New IT rules: वॉट्सऐप ने Traceability को लेकर जताई आपत्ति, जानिए क्या है विवाद ...

दूसरी तरफ, हेमंत तुकाराम गोडसे एवं केसी वेणुगोपाल के पूरक प्रश्नों के उत्तर में संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि बीएसएनल के नेटवर्क में सुधार के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में इस सरकारी दूरसंचार कंपनी से जुड़ी कॉल ड्रॉप की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के मौजूदा ग्रामीण एक्सचेंजों में 25,000 वाई-फाई हॉट स्पॉट बनाए जाएंगे और देश के सभी गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्शन से कवर किया जाएगा. Also Read - National Voters Day: अब आपका Voter ID-Card भी होगा डिजिटल, कहीं से भी डाल सकेंगे वोट

उन्होंने कहा कि भारतनेट परियोजना के तहत देश के ढाई लाख ग्राम पंचायत ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जुड़ेंगे. इससे सभी गांव कवर हो जाएंगे. यह अपनी तरह की सबसे बड़ी ग्रामीण संपर्क परियोजना है. उन्होंने यह भी बताया कि देश में मार्च 2018 तक ब्रॉडबैंड कनेक्शन की संख्या 41.2 करोड़ है, जिनमें ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्शन 10. 6 करोड़ है। वर्ष 2017 – 18 में ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्शन में 49. 9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.