मुंबई. सरकार ने मरीजों को सस्ती दवाओं को लेकर एक कदम और आगे बढ़ा दिया है. सरकार ने कहा है कि चिकित्सक मरीजों को सस्ती जेनेरिक दवाएं लिखें. ये दवाएं देश भर में जन औषधि स्टोर पर उपलब्ध होंगी. सरकार दिसंबर तक 300 और जन औषधि स्टोर उपलब्ध खोलेगी और इससे ऐसे स्टोर की संख्या करीब 3,000 हो जाएगी. Also Read - ट्रम्प ने जी-7 सम्मेलन टाला, भारत समेत अन्य देशों को करना चाहते हैं शामिल

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा, ‘सबके लिए जेनेरिक दवाएं आज की जरूरत है और हम महाराष्ट्र में शुरुआत करके खुश हैं. स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में यह क्रांतिकारी कदम होगा और हम चिकित्सकों से भी आग्रह करेंगे कि वे जेनेरिक दवाएं लिखें. इससे लोगों के पैसे बचेंगे और राहत मिलेगी.’ प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत इस साल दिसंबर तक कुल 3000 स्टोर खोले जाएंगे. Also Read - Railway and Flights Rules and Regulations: 1 जून से बदलने वाले हैं रेलवे, बस और फ्लाइट्स के ये नियम, बरतनी होगी सावधानी

जन औषधि योजना भारत सरकार के फार्मास्क्युटिकल्स विभाग द्वारा संचालित एक अभियान है. इस स्कीम के तहत आम नागरिकों को बाजार से 60 से 70 फीसदी कम कीमत पर दवाइयां मुहैया कराना है. अगर आप बेहद कम खर्चे में अपना भी एक जन औषधि स्टोर खोलना चाहते हैं तो आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि महज दो लाख रुपये में इन जन औषधि केंद्रों का ठेका प्राप्त कर सकते हैं. Also Read - कल से देशभर में लागू होने जा रही है One Nation One Ration Card योजना, जानिए आपको क्या मिलेगा फायदा

सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत यूपी में जल्द ही 1000 जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे. इस योजना के संचालन का काम स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) को सौंपा गया है.

(भाषा से प्राप्त जानकारी के साथ)