नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोना वायरस संकट से प्रभावित गरीबों और मजदूरों के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की सरकार की घोषणा की सराहना करते हुए गुरुवार को कहा कि यह सही दिशा में उठाया गया पहला कदम है. Also Read - कोरोना के बीच CBSE कराएगा एग्जाम, प्रियंका गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से कहा- ये चौंकाने वाला फैसला, परीक्षाएं रद्द हों

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ”सरकार की ओर वित्तीय पैकेज की घोषणा सही दिशा में पहला कदम है. भारत पर उसके किसानों, दिहाड़ी मजदूरों, श्रमिकों, महिलाओं और बुजुर्गों का कर्ज है, जिन्हें मौजूदा लॉकडाउन में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.” Also Read - COVID Vaccine: भारत में Sputnik को मिल सकती है 10 दिन में मंजूरी, वैक्‍सीनेशन का आंकड़ा 10 करोड़ हुआ

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण तथा इसकी रोकथाम के लिए किए गए लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को कम करने के लिए गुरुवार को आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की. Also Read - क्या मुंबई में लंबे वक्त तक लगने वाला है लॉकडाउन? आशंका के चलते मुंबई से फिर घर लौट रहे प्रवासी कामगार

बता दें कि कोराना वायरस संकट के चलते गरीबों को मदद पहुंचाने के लिए सरकार ने 1.70 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कारोना वायरस महामारी और उसके आर्थिक प्रभाव से निपटने को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की। यह राशि जरूरतमंदों की सहायता के लिए दी जा रही है.

वित्त मंत्री ने राहत पैकेज में सभी श्रेणी के लोगों की सहायता को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया है. मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपए की गई है. इससे पांच करोड़ परिवारों को लाभ होगा. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 8.69 करोड़ किसानों को अप्रैल के पहले सप्ताह में दो-दो हजार रुपए का अग्रिम भुगतान करेगी. राशन की दुकानों से 80 करोड़ परिवारों को 5 किलो गेहूं या चावल के साथ एक किलो दाल तीन महीने के लिए मुफ्त दी जाएगी. कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए जुटे डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 50 लाख रुपए के बीमा कवर की घोषणा भी की गई है.