नई दिल्‍ली: भारत और जर्मनी के बीच बीच कई क्षेत्रों में सहयोग और साथ देने के करार हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल से व्यापक मुद्दों पर बातचीत के बाद शुक्रवार को कहा कि भारत और जर्मनी ने आतंकवाद तथा चरमपंथ के खतरों से निपटने के लिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है. भारत की यात्रा पर आई जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और पीएम मोदी के बीच शुक्रवार को भारत और जर्मनी के बीच अंतरिक्ष, नागरिक उड्डयन, नौवहन प्रौद्योगिकी, मेड‍िकल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में 11 समझौतों पर दस्तखत हुए. जिनमें संयुक्‍त राष्‍ट्र में सुरक्षा परिषद में भारत की स्‍थाई सदस्‍यता से लेकर रक्षा के क्षेत्र में व्‍यापक सहयोग के लिए समझौते हुए.

हैदराबाद हाउस में दोनों देशों के प्रमुखों के बीच यह अहम बैठक हुई. इसमें दोनों देेेेशों के प्रतिनिधि मंडल के सदस्‍य भी मौजूदगी में ये एग्रीमेंट हुए. प्रधानमंत्री मोदी और मर्केल ने शुकवार को पांचवे भारत-जर्मनी अंतर सरकारी विमर्श (आईजीसी) की सह-अध्यक्षता की. इसके बाद भारत और जर्मनी ने पांच संयुक्त आशय पत्रों (ज्वाइंट डिक्लरेशन ऑफ इंटेंट) पर दस्तखत किए.

इस मौके पर मीट‍िंंग के बाद संयुक्‍त वक्‍तव्‍य में  पीएम मोदी ने कहा, चांसलर डॉ. मर्केल और उनके डेलीगेशन का भारत में हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है.” चांसलर मर्केल को जर्मनी और यूरोप ही नहीं, बल्कि विश्व की लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रमुख नेताओं में गिना जाता है. पिछले लगभग डेढ़ दशक से चांसलर के रूप में उन्होंने भारत-जर्मनी संबंधों को प्रगाढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इसके लिए मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर दो साल के अंतराल पर होने वाली तीन IGC बैठकों में चांसलर मर्केल के साथ भाग लेने का मुझे सौभाग्य मिला है. इस अनूठी mechanism से हर क्षेत्र में हमारा सहयोग और भी गहरा हुआ है. आज जिन समझौतों, आदि पर हस्ताक्षर हुए हैं, वे इस बात का प्रतीक है.

पीएम ने मुझे बहुत खुशी है कि भारत और जर्मनी के बीच हर क्षेत्र में, खास तौर पर New and Advanced Technology में
दूरगामी और Strategic cooperation आगे बढ़ रहा है. उन्‍होंने कहा कि सन् 2022 में स्वतंत्र भारत 75 वर्ष का होगा. तब तक हमने New India के निर्माण का लक्ष्य रखा है. इस बहुआयामी प्रयास में भारत की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के लिए जर्मनी जैसे technological और Economic Power House की क्षमताएं उपयोगी होंगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने New and Advanced Technology, Artificial Intelligence स्किल्स, शिक्षा, साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष बल दिया है.

पीएम ने कहा – ई-मोबिलिटी, फ्यूल सेल टेक्‍नोलॉजी, र्स्‍माट सिटी, इनलैंड वाटर वेज, तटीय प्रबंधन, नदियों की सफाई और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग की नयी संभावनाओं को विकसित करने का हमने फैसला किया है.

मोदी ने कहा कि व्यापार और निवेश में अपनी बढ़ती हुई भागीदारी को और गति देने के लिए हम प्राइवेट को प्रोत्साहित कर रहे हैं. चांसलर मर्केल और मैं दोनों देशों के कुछ प्रमुख बिजनेस और इंडस्‍ट्री लीडर्स से मुलाकात करेंगे.

पीएम ने कहा कि हम जर्मनी को आमंत्रित करते हैं कि रक्षा-उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में डिफेंस कॉरिडोर्स में
अवसरों का लाभ उठाएं. उन्‍होंने कहा कि भारत और जर्मनी के विश्वास और मित्रतापूर्ण संबंध, लोकतंत्र, कानून का शासन जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है. इसलिए, विश्व की गंभीर चुनौतियों के बारे में हमारे दृष्टिकोण में समानता है. इन विषयों पर हमारे बीच विस्तार से चर्चा शाम को जारी रहेगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद जैसे खतरों से निपटने के लिए हम दि्वपीक्षी और बहुपक्षीय सहयोग को और घनिष्ठ बनाएंगे. एक्‍सपोर्ट कंट्रोल रिजीम्‍स और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों में भारत की सदस्यता को जर्मनी के सशक्त समर्थन के लिए हम आभारी हैं. दोनों देश सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में अन्य आवश्यक सुधार शीघ्र कराने के लिए
सहयोग और प्रयास जारी रखेंगे.