ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के लगभग 50 सेक्टरों के निवासियों की इस साल की दिवाली काली होने वाली है. ग्रेनो प्राधिकरण ने इन सेक्टरों के निवासियों को 20 साल पहले खरीदे गए भूखंड के लिए अब अतिरिक्त पैसे का भुगतान करने का फरमान सुनाया है. प्राधिकरण के इस फरमान से यहां निवास कर रहे लगभग 25 हजार लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं.

प्राधिकरण की तरफ से 29 सितंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, किसानों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने के एवज में विभिन्न सेक्टरों में रहने वालों से 1287 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अतिरिक्त पैसे वसूले जाएंगे. इस राशि पर एक मई से अबतक का 11 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा. इस तरह 200 वर्ग मीटर आकार के प्लॉट के लिए चार लाख 29 हजार 766 रुपये अतिरिक्त देने होंगे. अधिसूचना के अनुसार, यह रकम तीन-तीन माह के अंतराल पर चार किस्तों में देनी होगी. पहली किस्त 31 अक्टूबर तक जमा करनी है. प्राधिकरण ने इस बाबत शहरवासियों को नोटिस भेजने भी शुरू कर दिए हैं.

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उल्लेखनीय है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (Greater Noida Authority) के 39 गांवों के किसानों ने जमीन अधिग्रहण के विरोध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahhabad High Court) में याचिका दायर की थी. न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति एस.यू. खान और न्यायमूर्ति वीके शुक्ला की पीठ ने 22 अक्टूबर, 2011 को अपने फैसले में किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 10 प्रतिशत आबादी के विकसित प्लाट देने के आदेश प्राधिकरण को दिए थे. प्राधिकरण ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए किसानों को अतिरिक्त मुआवजे की राशि बांट दी थी. प्राधिकरण अब अतिरिक्त मुआवजे के रूप में किसानों को बांटी गई धनराशि आवंटियों से वसूलने जा रही है.

प्राधिकरण का कहना है कि ये आवंटी उन सेक्टरों के हैं, जो अदालत जाने वाले 39 गांवों के किसानों की जमीन पर बसे हैं. यानी उन सेक्टरों के निवासियों से वसूली नहीं होगी, जो इन 39 गांवों के किसानों की जमीन पर नहीं बसे हुए हैं. ऐसे नौ सेक्टरों में अल्फा 1,2, बीटा 1,2, गामा 1,2, डेल्टा 1,2 और 3 सेक्टर शामिल हैं.

प्राधिकरण की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार, अतिरिक्त धनराशि तीन-तीन महीने के अंतराल पर चार किस्तों में देनी होगी. 200 वर्गमीटर आकार के भूखंड के आवंटियों को पहली किस्त के रूप में ब्याज सहित एक लाख 27 हजार 258 रुपये 31 अक्टूबर, 2019 को देने होंगे. दूसरी किस्त (ब्याज सहित 1,16378 रुपये) 31 जनवरी 2020 को, तीसरी किस्त (1,13270 रुपये) 30 अप्रैल, 2020 को और चौथी किस्त (1,10421 रुपये) 31 जुलाई, 2020 को देनी होगी. प्राधिकरण के इस कदम से निवासी हताश और परेशान हैं. धीरे-धीरे उनमें विरोध के स्वर भी फूटने लगे हैं.