भारत और अमेरिका की बढ़ती नजदीकियां अब पड़ोसी देशों की नींदे उड़ा रही है। इस दौरे के बाद दोनों देशों की बिच की दोस्ती और भी पक्की हो गई है। आप इस दोस्ती की गहराई का पता इस से लगा सकते हैं की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बराक ओबामा से मुलाक़ात के बाद अमेरिकी सरकार ने पाकिस्तान को चेताया है। अमेरिकी सरकार ने पाकिस्तान से कहा की वह जल्द से जल्द मुंबई और पठानकोट हमले के गुनहगारों को सजा दिलाए। वहीं दूसरी तरफ एमटीसीआर में एंट्री और एनएसजी में ‘अंकल सैम’ के समर्थन से पाकिस्तान और चीन में बेचैनी बढ़ गई है।Also Read - ईशनिंदा के नाम पर पाकिस्तान में भीड़ ने श्रीलंकाई नागरिक को पीट-पीट मारा और फिर सरेआम जिंदा जलाया

Also Read - China के साथ सीमा संघर्ष के दौरान अग्र‍िम मोर्चों पर तैनात किए गए थे भारतीय युद्धपोत: नेवी चीफ

भारत की ताकत बढ़ता देख पाकिस्तान हड़बड़ा गया है और अपनी भी ताकत और धाक ज़माने के लिए और जुट गया है। इसके लिए पाकिस्तान ने 48 देशों के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में शामिल होने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। वहीं पाकिस्तान ने यह भी कहा है की फैसले के समय सभी भेदभावरहित होकर फैसला लें। यह भी पढ़ें: अमेरिका ने पाकिस्तान को चेताया, कहा मुंबई और पठानकोट हमले के गुनहगारों को सजा दे Also Read - पाकिस्तान ने भारत को मानवीय मदद अफगानिस्तान पहुंचाने की इजाजत दी, गेहूं और दवा भेजी जाएगी

पाकिस्तान ने सदस्यता पाने के लिए कुछ दिनों पहले पाक के विदेश सचिव तसनीम असलम ने वियना में एनएसजी के पूर्ण सत्र से पहले एनएसजी के सदस्य देशों के राजनयिक मिशनों के लिए एक ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया। इस ब्रीफिंग का यही मकसद था की सदस्यता के लिए समर्थन पाकिस्तान हासिल कर सके।

आपको बतादें की पाकिस्तान को चीन का पूरा समर्थन है। वहीं पाकिस्तान ने अपनी सदस्यता के लिए सरताज अजीज ने रूस, न्‍यूजीलैंड और साउथ कोरिया के विदेश मंत्रियों से अपनी एनएसजी सदस्‍यता को लेकर बात भी की है। वहीं आपको बतादें की पिछले महीने पाक ने एनएसजी की सदस्यता के लिए औपचारिक आवेदन दाखिल किया था।