नई दिल्ली। नोटबंदी पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने एक बार फिर कहा है कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी होने के लिए ये जिम्मेदार नहीं है. नीति आयोग के चेयरमैन राजीव कुमार ने इसके लिए पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन की लागू की गई नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है. राजीव कुमार ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में बढ़ते एनपीए की वजह से भी विकास दर में कमी आई थी. Also Read - अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की अर्थव्यवस्था पर जताई उम्मीद, पटरी पर लौट रही है इंडियन इकोनॉमी

रघुराम राजन को बताया जिम्मेदार Also Read - बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा 74 प्रतिशत करने संबंधी विधेयक राज्यसभा में पेश

घटती जीडीपी के लिए रघुराम राजन की नीतियों को जिम्मेदार बताते हुए राजीव कुमार ने कहा कि उनकी (रघुराम) नीतियों की वजह से जीडीपी पर असर पड़ा. इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर में लगातार बढ़ते एनपीए की वजह से भी जीडीपी में गिरावट आई थी. Also Read - Economic Survey 2021: V-Shape में हुआ अर्थव्यवस्था में सुधार, जानिए-आर्थिक सर्वे की 10 बड़ी बातें

राजीव कुमार ने कहा, बैंकिंग सेक्टर में बढ़ते एनपीए की वजह से जीडीपी प्रभावित हुई. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन एनपीए की पहचान के लिए नई नीतियां लाए जिससे बैड लोन बढ़ता चला गया और इसकी वजह से बैंकिंग सेक्टर ने इंडस्ट्री को उधार देना बंद कर दिया था.

हालांकि, 2019 चुनाव से पहले पूर्व आरबीआई गर्वनर रघुराम राजन ने मोदी सरकार को सलाह दी थी कि सरकार को राजकोषीय घाटे पर काबू पाना होगा. उन्होंने कहा था कि सरकार को करेंट अकाउंट डेफिसिट कम करना होगा जो इस साल के अंत तक ऐतिहासिक ऊंचाई जीडीपी के 2.5 फीसदी तक पहुंच सकता है.

आरबीआई की रिपोर्ट

बता दें कि हाल ही में आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि नोटबंदी के बाद 99 फीसदी से ज्यादा रुपये बैंकों में आ गए हैं. इससे फिर सवाल उठने लगे कि नोटबंदी का आखिर फायदा क्या हुआ? सरकार ने कालेधन पर काबू पाने के लिए नोटबंदी की थी और इस दौरान जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था. नोटबंदी के बाद अर्थव्यवस्था की रफ्तार बेहद धीमी हो गई थी. हालांकि, अब इसने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन नोटबंदी पर लगातार सवाल उठते रहे हैं. आरबीआई की रिपोर्ट में एक तरह से साफ कर दिया कि नोटबंदी से कालेधन पर किसी तरह का शिकंजा नहीं कसा जा सका है. विपक्ष के लगातार हमलों के बीच अब सरकार सफाई देने में जुटी हुई है.