चेन्नई: पृथ्वी की निगरानी करने वाले देश के पहले अत्याधुनिक उपग्रह जियो इमेजिंग सैटेलाइट-1 (जीसैट-1) को भू-स्थिर कक्षा में स्थापित करने के लिए उल्टी गिनती बुधवार अपराह्न् 3.43 बजे शुरू हो गई है. यह उपग्रह गुरुवार शाम लॉन्च किया जाएगा. इसरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. Also Read - अहमदाबाद, सूरत, हैदराबाद, चेन्नई में स्थिति खास तौर पर गंभीर, देश में 23,452 हुए संक्रमण के मामले | बड़ी बातें

जीसैट-1 का वजन 2,268 किग्रा है. इसे तीन चरणों के जियो-सिनक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हिकिल (जीएसएलवी-एफ10) से प्रक्षेपित किया जाएगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अनुसार, 51.70 मीटर लंबे और 420 टन वजनी जीएसएलवी-एफ10 रॉकेट से आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड से पांच मार्च को शाम 5.43 बजे लॉन्च किया जाएगा. Also Read - चेन्नई, कोयबंटूर और मदुरै चार दिनों के लिए पूरी तरह से बंद रहेंगे: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री

प्रक्षेपण के 18 मिनट बाद जीएसएलवी रॉकेट जीसैट-1 को पहले जियो सिन्क्रोनस ट्रांसफर आर्बिट (जीटीओ) में पहुंचाएगा. जीटीओ से उसके बाद उपग्रह को जियो स्टेशनरी आर्बिट में ले जाएगा. जियोस्टेशनरी कक्षा (पृथ्वी से 36,000 किमी ऊपर) में एक उपग्रह का आर्बिटल अवधि, पृथ्वी के रोटेशनल अवधि के बराबर होती है. Also Read - एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार इसरो, कार्टोसैट-3 के साथ 13 उपग्रहों के प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू