तकरीबन 8 घंटे लोकसभा में चली बहस के बाद बुधवार को जीएसटी से जुड़े चार बिल पास कर दिए गए। जीएसटी के लागू होने से हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ एक टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स की जगह एक ही टैक्स लगेगा। फिलहाल भारत देश में 20 तरह के टैक्स लगते हैं और जीएसटी आने के बाद सब टैक्स हटकर एक टैक्स लागू होगा, वो है जीएसटी। देश के लिए सबसे बड़ा आर्थिक सुधार बताए जा रहे इस बिल के पास होने को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी को क्रांतिकारी कदम बताया है, वहीं पीएम मोदी ने नया नारा दिया- ‘नया साल, नया कानून, नया भारत’। जीएसटी से भारतीय टैक्स सिस्टम में कई अहम बदलाव आएंगे। आइये डालते हैं एक नज़र इन बड़े बदलावों पर: Also Read - 'भारत को किसी से डर नहीं लगता, देश का उदय भी किसी के लिए खतरा नहीं'

– जीएसटी लागू होने से टैक्स प्रणाली में सबसे बड़ा बदलाव ये आएगा कि इससे पूरे देश में एक टैक्स प्रणाली लागू हो जाएगी। अभी राज्य और केंद्र में टैक्स लगाने के अधिकार बंटे हुए हैं, दोनो अलग-अलग टैक्स लगाती है। Also Read - Corona Vaccine की मिली बड़ी खुशखबरी, AIIMS निदेशक ने बताया इसी महीने या अगले माह मिल सकती है वैक्‍सीन

– माना जा रहा है कि जीएसटी लागू होने से पूरे देश में सामानों और सेवाओं के दाम कम हो जाएंगे। इसका कारण केंद्र और राज्य का मिलकर टैक्स लगाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा आम जनता को होगा, उन पर से टैक्स का बोझ कुछ कम होगा। Also Read - UNGC हिंदूओं, सिखों, बौद्धों के खिलाफ हिंसा पर आवाज उठाने में नाकाम: भारत

– जीएसटी लागू होने के बाद स्थायी रूप से एक जीएसटी काउंसिल रहेगी जिसमें सभी राज्यों और केंद्र प्रशासित राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सिर्फ जम्मू एवं कश्मीर राज्य को GST कानून के दायरे में नहीं लाया गया है। अगर राज्यों के बीच टैक्स पर विवाद होता है तो आम सहमति से फैसला लिया जाएगा। पहले पांच साल में किसी राज्य को घाटा होगा, तो उसकी व्यवस्था की जाएगी।

– जीएसटी आने के बाद टैक्स ढांचा एकदम समान और पारदर्शी होगा। कई सारे टैक्स कानून और टैक्स नियामकों का झंझट नहीं रहेगा। इससे एक ही संस्था, कंपनी, व्यक्ति पर कई बार टैक्स लगाने की दिक्कत खत्म हो जाएगी।

– जीएसटी लागू होने के बाद हर तरह की चीजों पर एक समान टैक्स नहीं लगाया जाएगा। जेटली के मुताबिक, हवाई चप्पल और बीएमडब्ल्यू पर एक समान टैक्स नहीं लगाया जा सकता है। इस नई व्यवस्था में सेहत पर खराब असर डालने वाले सामानों और लग्जरी प्रॉड्क्स पर ज्यादा टैक्स लगाया जाएगा।

– टैक्स दरों की चर्चा करते हुए लोकसभा जेटली ने कहा, हमारे पास फिलहाल कई तरह के टैक्स ब्रैकेट्स हैं। ये टैक्स स्लैब्स 0%, 5%, 12%, 18% और 28% हैं। खाने-पीने की अहम चीजों पर 0% टैक्स, जबकि नुकसानदेह या लग्जरी चीज़ों पर ज्यादा टैक्स रखा गया है।

– माना जा रहा है कि जीएसटी से ऑनलाइन लेनदेन बढ़ेगा। इससे कर देने वालों का दायरा बढ़ेगा और टैक्स चोरी उतनी आसान नहीं होगी। विश्व बैंक के एक अध्ययन में कहा गया है कि जीएसटी से जीडीपी में 2% का इजाफा होगा।