भारत के इतिहास के सबसे बड़े टैक्स सुधार गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स, यानी जीएसटी का रास्ता साफ करने के लिए संविधान में आवश्यक संशोधन से संबंधित विधेयक को पारित करने के लिए संसद के उच्च सदन राज्यसभा ने सभी पार्टियों ने दुर्लभ मतैक्य का प्रदर्शन किया और बिल को निर्विरोध पारित कर दिया… कांग्रेस ने अपने वादे के मुताबिक बिल के पक्ष में मतदान किया, जबकि सिर्फ एआईएडीएमके के सदस्य इसके विरोध में थे, जिन्होंने मतदान न कर वॉकआउट किया… Also Read - Arun Jaitley Death Anniversary: अरुण जेटली की पुण्यतिथि पर भावुक हुए PM मोदी, कहा- 'मुझे अपने दोस्त की बहुत याद आती है'

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जेटली ने कहा कि समान कर व्यवस्था से देश में विकास होगा। जीएसटी समान टैक्स की दिशा में अहम कदम है। इससे भविष्य में टैक्स रेट कम होंगे। टैक्स रेट नीचे आने से देश में कई चीजों के दाम कम होंगे। इससे लागू होने के बाद देश में व्यापार करना भी आसान होगा। इससे काले धन के जांच में भी भी मदद मिलेगी। यह भी पढ़े-जीएसटी लागू होने के बाद आपको होगा यह फायदा Also Read - अप्रैल 2020 से पेश होगा जीएसटी रिटर्न का सरल स्वरूप: निर्मला सीतारमण

बता दे कि सात घंटे तक बिल पर चली बहस के बाद वोट देने वाले सभी 203 सांसदों ने 122वें संविधान संशोधन बिल के पक्ष में वोट दिया… दिलचस्प तथ्य यही रहा कि जिस सदन में सरकार अल्पमत में है, वहां बिल के विरोध में कोई वोट नहीं डाला गया…

ऐसे बनेगा कानून।

जीएसटी विधेयक बीते साल लोकसभा में पारित हो चुका है। अब राज्यसभा में पास होने के बाद भी इसे कम से कम 15 राज्यों की विधानसभाओं की मंजूरी चाहिए। यह मंजूरी मिलने के बाद बिल को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा। हालांकि इसके बाद केंद्र सरकार को केंद्र और राज्य के लिए जीएसटी से जुड़े कानून बनाने होंगे।

जीएसटी बिल लागू होने से क्या फायदा?

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स केंद्र और राज्यों के 20 से ज्यादा अप्रत्यक्ष करों की जगह लेगा। इसके लागू होने पर एक्साइज, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी, वैट, सेल्स टैक्स, मनोरंजन कर, लक्जरी टैक्स और ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स जैसे कई टैक्स खत्म हो जाएंगे। पूरे देश में एक समान टैक्स लागू होने से कीमतों का अंतर घटेगा। यह भी पढ़े-GST बिल आज राज्यसभा में पास होने की उम्मीद

यहां ये बताना भी जरूरी है कि जीएसटी लागू होने के बाद भी पैट्रोल, डीज़ल, शराब और तंबाकू पर लगने वाले टैक्स में कोई बदलाव नहीं होगा। सरकार और उद्योग जगत दोनों का ही मानना है कि जीएसटी लागू होने से पूरे देश में कारोबार करना आसान होगा, जिससे जीडीपी में कम से कम 2 फीसदी की बढ़ौतरी हो सकती है।

क्या सस्ता क्या महंगा ?

GST के लागू होने से देश भर में टैक्स की दरें बदलेंगी जिसका असर सामानों कीमतों पर भी पड़ेगा। जीएसटी बिल में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स की दर 18 फीसदी रखे जाने की चर्चा है।

-डिब्बाबंद फूड प्रोडक्ट 12% तक महंगे हो सकते हैं।

-कपड़े, रत्न-आभूषण महंगे हो सकते हैं, इन पर कम से कम 12 फीसदी टैक्स लगने के आसार हैं, जिससे इनके दाम बढ़ सकते हैं।

-मोबाइल बिल, क्रेडिट कार्ड का बिल महंगे होने के आसार हैं, इसके अलावा डिस्काउंट वाले प्रोडक्ट महंगे पड़ेंगे क्योंकि जीएसटी में टैक्स एमआरपी पर लगेगा। छोटी कारें और मिनी एसयूवी सस्ती हो सकती हैं।

-जीएसटी से एंटरटेनमेंट टैक्स कम होगा, इससे सिनेमा के टिकट सस्ते होने की उम्मीद की जा सकती है।

-उद्योगों को जीएसटी लागू होन पर 18 तरह के टैक्स नहीं भरने पड़ेंगे. टैक्स भरने की प्रक्रिया भी आसान होगी।

-घरेलू सामान एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव ओवन सस्ते हो सकते हैं।

-रेस्तरां का बिल कम होगा क्योंकि जीएसटी के तहत सिर्फ एक ही टैक्स लगेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा, “राज्यसभा में जीएसटी बिल के पारित हो जाने के इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं सभी पार्टियों के नेताओं और सदस्यों का धन्यवाद करता हूं। देश को 21वीं सदी की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था प्रदान करने का ऐतिहासिक फैसला करने के लिए हमारे सभी सांसद बधाई के पात्र हैं।