महाराष्ट्र में आज गुडी पाडवा का त्यौहार मनाया जा रहा है. लेकिन कोरोना वायरस के चलते लोग इस पर्व को घर पर रहकर ही मना रहे है. कोरोना के खतरे के चलते पूरे देश में लगाए गए लॉकडाउन के कारण मुंबई समेत महाराष्ट्र में गुडी पाडवा को निकलने वाली शोभा यात्राएं भी रद्द की गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर गुडी पाडवा के मौके पर देशवासियों को बधाई दी. पीएम मोदी ने लिखा, “सभी देशवासियों को नववर्ष विक्रम संवत 2077 की हार्दिक शुभकामनाएं. यह नववर्ष आप सबके जीवन में समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए.” Also Read - Covid-19: उद्धव ठाकरे और पलानीस्वामी ने कोरोना वायरस को मजहबी रंग नहीं देने की अपील की

वहीं, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे घर मे ही गुडी पाडवा मना रहे हैं. स्वास्थ्य मं त्री ने लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है. और कोरोना को हराने की लोगों से शपथ लेने की अपील की है. राजेश टोपे ने लिखा, ‘गुड्डी पड़वा के दिन राज्य के लोगों को नया साल मुबारक हो और मैं घर पर ही रुकूंगा और कोरोना को हराऊंगा.’

चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा का त्यौहार मनाया जाता है. इस त्योहार को लेकर खास मान्यताएं हैं. गुड़ी ध्वज यानि झंडे को कहा जाता है और पड़वा, प्रतिपदा तिथि को कहा जाता है. मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था. दक्षिण भारत क्षेत्र में मान्यता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ही वो दिन था जब भगवान श्री राम ने बालि का वध कर दक्षिण भारत के लोगों को मुक्त करवाया. इसी कारण इस दिन गुड़ी यानि विजयपताका फहराई जाती है.

इस त्योहार के दिन महाराष्ट्र मे लोग अपने घर को आम के पत्तों की बंदनवार से सजाते हैं. लोग घरों की सफाई कर रंगोली, बंदनवार आदि से घर, आंगन और दरवाजों को सजाते हैं. घर के आगे एक गुड़ी यानी झंडा रखा जाता है. इसी में एक बर्तन पर स्वास्तिक चिन्ह बनाकर उस पर रेशम का कपड़ा लपेटकर उसे रखा जाता है. गुड़ी को विजय का प्रतिक मान का उसकी पूजा की जाती है. गुड़ी पड़वा के दिन महाराष्ट्र में खास पकवान बनाए जाते है. श्रीखंड-पूड़ी खाने, पूरन पोली मीठी रोटी बनाने की परंपरा है.