नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि लॉकडाउन के कारण फंसे हुए प्रवासी कामगारों, छात्रों और तीर्थयात्रियों की देश के अंदर आवाजाही के लिए जारी नए दिशानिर्देश का सख्ती से पालन करना होगा. गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह कहते हुए कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को लॉकडाउनके कारण फंसे हुए प्रवासी कामगारों, छात्रों और तीर्थयात्रियों की देश के अंदर आवाजाही के लिए गृह मंत्रालय की तरफ से जारी नवीनतम दिशानिर्देश कासख्ती से पालन करना होगा. Also Read - दिवंगत भाई वाजिद के लिए साजिद खान ने कही ये बात, शेयर किया मौत से पहले का VIDEO

केंद्रीय गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में ये बातें कहीं- Also Read - Atlas Cycle ने अपनी फैक्ट्री बंद की, 700 से अधिक मजदूर बेरोजगार

– आवाजाही की व्यवस्था करते समय राज्य सरकारों को कुछ निश्चित बातों का ध्यान रखना होगा
– सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को नोडल अधिकारी तैनात करना होगें
– नोडल अधिकारी फंसे हुए लोगों के लिए मानक व्यवस्था तैयार करेगा.
– लोगों को पंजीकृत करना होगा और
– राज्यों को सड़क मार्ग से इनका आवागमन सुनिश्चित करने के लिये आपस में चर्चा करनी होगी.
– हर व्यक्ति की जांच की जाएगी
– यात्रा के लिए जिन लोगों में संक्रमण के लक्षण नहीं होंगे उन्हें जाने की इजाजत दी जाएगी
– यात्रा के लिये बसों का इंतजाम किया जाएगा और इन गाड़ियों को सैनिटाइज किया जाएगा
– बसों में यात्रियों के बैठने की व्यवस्था करते समय सामाजिक दूरी पर सख्ती से अमल किया जाएगा
– पारगमन मार्ग के सभी राज्य ऐसे आवागमन की इजाजत देंगे
– गंतव्य पर पहुंचने के बाद स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी यात्रियों की जांच करेंगे
– अगर लोगों को संस्थागत पृथक-वास केंद्रों में रखने की जरूरत नहीं होगी तो 14 दिनों तक घर पर पृथक-वास में रहेंगे
– यात्रियों की नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच की जाएगी और उनकी निगरानी की जाएगी
– यात्रियों को ‘आरोग्य सेतु’ ऐप के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा
– सभी राज्यों को सख्ती से इन दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा Also Read - IRCTC Indian Railway latest News: इस शहर से भारतीय रेलवे ने बंद की श्रमिक ट्रेन, जानें क्या है बड़ी वजह

केंद्र सरकार ने बुधवार को नए दिशानिर्देश में राज्यों को फंसे हुए छात्रों, प्रवासी कामगारों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को उनके गृह प्रदेश तक दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए ले जाने की इजाजत दी थी. ये दिशानिर्देश फंसे हुए लोगों की आवाजाही के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं.

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह पूछे जाने पर कि कुछ राज्यों और अन्य लोगों द्वारा की गई मांग के अनुरूप क्या विशेष ट्रेनों और निजी वाहनों की इजाजत भी इन लोगों के परिवहन के लिए दी जाएगी, केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्या सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि अभी जारी किये गए आदेश बसों के इस्तेमाल और लोगों के समूह के लिए हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या तीन मई के बाद ई-वाणिज्य गतिविधियों को फिर से शुरू किया जाएगा, श्रीवास्तव ने कहा, हमें नए आदेशों के आने का इंतजार करना चाहिए. तीन मई को व्यापक बंद की अवधि खत्म हो रही है.