नई दिल्ली: गृह मंत्रालय बच्चों के यौन शोषण, बलात्कार और सामूहिक बलात्कार की तस्वीरों और वीडियो को वेबसाइटों से हटाने के लिए जल्द ही विस्तृत दिशानिर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करेगा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में दिशानिर्देश और एसओपी बनाने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है. बता दें कि शीर्ष अदालत ने 6 दिसंबर को कहा था कि केंद्र और गूगल, माइक्रोसॉफ्ट एवं फेसबुक सहित इंटरनेट कंपनियां इस बात से सहमत हैं कि बलात्कार और बच्चों के यौन शोषण के वीडियो और आपत्तिजनक सामग्री सार्वजनिक पहुंच से दूर किए जाने की जरूरत है.Also Read - School Reopen in Uttar Pradesh: यूपी में आज से खुल रहे 9-12वीं तक के स्कूल, यहां पढ़ें नई गाइडलाइन

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बच्चों के यौन शोषण, बलात्कार और सामूहिक बलात्कार की तस्वीरों और वीडियो को वेबसाइटों से हटाने के लिए दिशानिर्देश और एसओपी अगले दो सप्ताह के भीतर जारी किए जा सकते है. Also Read - इस एक्ट्रेस ने बिजनेसमैन पर लगाया रेप का आरोप, बोली- चार दिन से भटक रही हूं, हर कोई मुझसे...

गृह मंत्रालय फेसबुक, यूट्यूब, व्हाट्सएप और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया मंचों के साथ नियमित बैठक कर रहा है, ताकि महिलाओं और बच्चों के यौन शोषण के खिलाफ हिंसा और अपराधों को उकसाने वाले घृणास्पद संदेशों एवं अफवाहों की जांच की जा सके. Also Read - Tamil Nadu Lockdown Update: तमिलनाडु में 7 जून तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, केवल इन्हें मिलेगी इजाजत; देखें नए दिशानिर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा था कि बच्चों के यौन शोषण और बलात्कार की ऑनलाइन वीडियो तथा तस्वीरों को हटाने के लिए केंद्र दिशानिर्देश या एसओपी तैयार कर सकता है.

पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि भारत सरकार जरूरी दिशानिर्देश/एसओपी तैयार कर सकती है और उन्हें दो सप्ताह के भीतर लागू कर सकती है ताकि बच्चों के यौन शोषण, बलात्कार और सामूहिक बलात्कार की तस्वीरों, वीडियो को इंटरनेट से हटाया जा सके. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई अगले साल फरवरी के लिए तय की थी.