नई दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाहों के प्रसार और भीड़ द्वारा हिंसा पर अंकुश लगाने के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को परामर्श जारी किए गए हैं. लोकसभा में गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने राम चरित्र निषाद के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘गृह मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कानून हाथ में लेने वाले पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए समय समय पर राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को परामर्श भेजे गए हैं.’’

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राज्य मंत्री अहीर ने कहा- भीड़ द्वारा हिंसा एवं हत्या की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी उपायों को अपनाने के लिए भी राज्यों एवं केंद्रशासित राज्यों को परामर्श जारी किए गए हैं. उन्होंने कहा कि राज्यों से कहा है कि हिंसा भड़काने से जुड़ी अफवाहों के प्रसार से पहले उसके बारे में पहले ही पता लगाना सुनिश्चित किया जाए. मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पहले भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. केंद्र ने पूर्व में भी सभी राज्यों को निर्देशित करते हुए कहा था कि राज्य सरकारों द्वारा आम जनता को इस विषय में जागरूक करते हुए उन्हें आगाह किया जाए कि किसी भी तरह की मॉब लिंचिंग हुई तो उन्हें कानून के तहत गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

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समय-समय पर परामर्श जारी
उच्चतम न्यायालय ने भी सरकार को इस संबंध में निर्देश दिए हैं जिनका हवाला देते हुए गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा था कि इन घटनाओं को रोकने के लिए एहतियातन कदम उठाए जाने चाहिए. सुप्रीमकोर्ट ने आदेश दिया था कि केंद्र और राज्य सरकारों को रेडियो, टीवी और अन्य मीडिया प्लेटफॉर्मों तथा गृह विभाग एवं राज्यों की पुलिस की अधिकृत वेबसाइटों पर इस बात का प्रचार करना चाहिए कि मॉब लिंचिंग या किसी भी तरह की हिंसा के कानून के तहत गंभीर परिणाम होंगे. अपने जवाब में गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने कहा सोशल मीडिया पर अफवाहों के प्रसार को रोकने और भीड़ द्वारा हिंसा एवं हत्या की घटनाओं को रोकने के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित राज्यों को समय-समय पर परामर्श जारी किए गए हैं. (इनपुट भाषा)