गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात की 89 सीटों पर बंपर मतदान हुआ. चुनाव आयोग ने कहा कि गुजरात चुनाव के पहले चरण में 68 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. कच्छ जिले में 63 फीसदी, सुरेंद्रनगर में 75, मोरबी में 75, राजकोट में 70, जामनगर में 65, भरुच में 71, नर्मदा में 73, खेड में 73, पोरबंदर में 60, देवभूमि द्वारका में 63, गिर सोमनाथ में 70, अमरेली में 67, भावनगर में 62, सूरत में 70, नवसारी में 75, वलसाद में 70, बोटड में 60, तापी में 73, जूनागढ़ में 65, डांग में 70 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. 

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गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, राजकोट-पश्चिम सीट पर उनके प्रतिद्वंद्वी इंद्रनील राजगुरु, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल, गुजरात भाजपा प्रमुख जीतू वघानी और अमरेली सीट से कांग्रेस विधायक परेश धनानी समेत कई अहम नेताओं ने अपने वोट डाले. क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने भी राजकोट में अपना वोट डाला. Also Read - 12 दिसंबर को दिल्ली में होगी कांग्रेस की ‘महंगाई हटाओ रैली’, सोनिया और राहुल करेंगे संबोधित

पहले चरण के चुनाव में 182 सीटों में से सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात की 89 सीटों पर मतदान हुआ. इसमें 977 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस मतदान में प्रतिष्ठित उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री विजय रुपाणी (राजकोट-पश्चिम), कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल (मांडवी) और परेश धनानी (अमरेली) के भाग्य का फैसला होगा. Also Read - Constitution Day: संविधान दिवस आज, संसद में होने वाले समारोह का कांग्रेस ने किया बहिष्कार, जानें वजह

इस चुनाव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है जबकि जल्द ही कांग्रेस प्रमुख बनने जा रहे राहुल गांधी के लिए यह चुनाव नेतृत्व की परीक्षा हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा के लिए यह अहम चुनावी मुकाबला है. गुजरात में कांग्रेस पिछले करीब 22 साल से सत्ता से दूर है और वह इस बार अपनी किस्मत पलटना चाहती है. उसने नोटबंदी और जीएसटी के अलावा भाजपा का ‘‘खोखला विकास मॉडल’’ जैसे मुद्दे उठाए.

मोदी के खिलाफ उनके गढ़ में जीत हासिल करने के लिए गांधी कांग्रेस के प्रमुख नेता बनकर उभरे. सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में मोदी ने करीब 15 रैलियों को संबोधित किया जबकि गांधी ने वहां सात से ज्यादा दिन बिताए और कई सभाओं को संबोधित किया.