अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने दुनिया भर की जानकारी रखने में माहिर गूगल की तुलना नारद से की है. इसके कुछ दिन पहले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री विप्लव देब ने कुछ ऐसी ही एक टिप्पणी की थी जो खासी चर्चित हुई थी. देब ने कहा था कि महाभारत काल में भी इंटरनेट था. इसे लेकर वह सोशल मीडिया पर लोगों और आलोचकों के निशाने पर थे.

नारद मुनि को बताया गूगल 

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े विश्व संवाद केंद्र द्वारा रविवार 29 अप्रैल को आयोजित एक कार्यक्रम में रूपाणी ने कहा, गूगल जानकारी का स्रोत है. नारद मुनि की गूगल से तुलना की जा सकती है क्योंकि दुनिया के अलग – अलग कोनों में जो कुछ भी घटित हो रहा होता है , उनके बारे में उन्हें जानकारी रहती थी.

उन्होंने कहा कि नारद मुनि महाभारत काल में और समय – समय पर भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम को खबर देते थे. रूपाणी ने कहा कि हालांकि नारद मुनि ने कभी भी ऐसा कुछ नहीं किया जिससे मानवता को नुकसान पहुंचता हो , इसीलिए हम उन्हें ऋषि मानते हैं. ऋषि वह व्यक्ति होता है जो मानवता के बारे में सकारात्मक सोचता हो और लोगों को प्रेरित करता हो.

बिप्लब देब ने दिया था कुछ ऐसा ही बयान

इस महीने की शुरुआत में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने कहा था कि प्राचीन समय में भारतीय इंटरनेट और उपग्रह प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते थे , पश्चिम में इनका ईजाद होने से भी हजारों साल पहले. उनकी इस टिप्पणी का सोशल मीडिया पर खूब मजाक बना था. इसके बाद भी देब ने कुछ और ऐसे बयान दिए जिन्हें लेकर उनकी खूब आलोचना हुई. ऐसे ही एक बयान में उन्होंने कहा कि आज के युवा नेताओं के आगे पीछे दौड़ने की बजाए पान की दुकान खोल लें तो उनके बैंक अकाउंट में 5 लाख आ जाते. इसी तरह एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सिविल इंजीनियरों को ही सिविल सर्विस में जाना चाहिए न कि मैकेनिकल इंजीनियरों को.